उप स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारी व उनके पति एवं दो बच्चों की हत्या में शामिल अन्य तीन आरोपी गिरफ्तार

मनराखन ठाकुर

पिथौरा। दिनांक 31.05.18 को ग्राम पंचायत किशनपुर के सरपंच सुरेश खुंटे द्वारा थाना पिथौरा में फोन द्वारा सूचना दी गई कि उप स्थ्वस्थ्य केन्द्र किशनपुर के स्वास्थ्य कर्मचारी श्रीमती योगमाया साहू एवं उनके पति चेतन साहू व दो बच्चें तमन्य साहू, कुणाल साहू का शव छतविक्षत हालत में खून से लथपथ उनके आंगन में पड़ा हुआ है।

थाना पिथौरा द्वारा तत्काल घटनास्थल पहुचकर आला अधिकारियों को सूचित कर जानकारी दी गई। जिसपर पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह, एवं अनुअ0 पिथौरा श्री कौशलेन्द्र देव पटेल मौके पर पहुचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। विवेचना पर से ग्राम किशनपुर के रहने वाले धर्मेन्द्र बरिहा पिता मेघनाथ बरिहा उम्र 28 वर्ष को पकड़कर पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी अपना अपराध स्वीकार कर घटना के संबंध में बताया कि उप स्वास्थ्य केन्द्र के क्वाटर में रहने वाले चेतन साहू, योगमाया साहू को अच्छे तरीके से जानता था एवं पड़ोसी होने के नाते छोटे-मोटे कामों से उनके घर आना जाना लगा रहता था।

इसी दौरान आरोपी धमेंन्द्र बरिहा का चेतन साहू के घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात, किमती सामान एवं महंगंे मोबाईल को रखे देखकर उसकी नियत बिगड़ गई और चोरी करने का प्लान तैयार किया, मृतक के मोबाइ्र्रल तथा घर में रखे एलईडी. टीवी व आदि को लेकर मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर उसे पुनः बंद कर चाबी को फेंककर अपने घर चला गया। एस0आई0टी0 टीम द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से उपरोक्त सामग्री को बरामद कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही थी। तभी पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा गठित एस0आई0टी0 अपने स्तर पर विवेचना जारी रखी हुई थी।

घटनास्थल निरीक्षण वारदार करने का तरीका व अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से एस0आई0टी0 को घटना में अन्य लोगो की संलिप्ता होने का संदेह हुआ। जिसपर से एसआईटी टीम द्वारा घटना के आरोपी धर्मेन्द्र बरिहा का नारको परीक्षण कराया गया। परीक्षण रिपोर्ट में धर्मेन्द्र के अलावा अन्य चार लोगो की संलिप्ता भी पाई गई।

जिसपर से घटना में शामिल गौरी शंकर केवट, फुलसिंग, अखण्डल प्रधान व सुरेश खुटे की भी संलिप्ता पाई गई। सुरेश खुटे वर्तमान में जेल में निरूध होने के कारण अन्य तीनों को पूछताछ करने हेतु थाना पिथौरा तलब लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उक्त तीनों व्यक्ति घटना में संलिप्ता से इंकार करते रहें किन्तु एसआईटी द्वारा संकलित साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की गयी। जिसपर वे टूट गयें और आरोपियों से पूछताछ करने पर बता कि चेतम साहू के घर के बगल में स्थित झोफडी में ग्राम सरपंच सुरेश खुटे, धर्मेन्द्र बरिहा, फुलसिंग यादव, गौरी शंकर केवंट तथा ग्राम रामपुर के अखण्डल प्रधान मिले सभी लोग शराब पीये और नशे की गोली नाईट्रो टेन गोली खाये थे और तेज बारिस होने के कारण बातचीत करते दो घण्टा बीत गया।

बातचीत के दौरान सभी अपने आपसी बातो को शेयर कर रहे थे तथा अपने अपने गर्लफेंड के बारे में बता रहे थें। तभी फुलसिंग यादव बालो की मेरा नर्स योगमाया के साथ अफेयर है तब किसी को यकिन नही हुआ। सुरेश खुटे बोला की तुम्हारे बात को कैसे मान ले क्या सबुत है तब फुलसिंग बोला कि देखों मेरे मोबाईल पर उसका फोटो है कहकर मोबाईल में रखे फोटो को दिखाया तब मोबाईल में योगमाया और फुलसिंग का सेल्फी वाला फोटो देखे तब योगमाया के साथ फुलसिंग का संबंध होने के बारे में पता चला। फोटो को देखने के बाद सरपंच सुरेश खुटे बोला की योगमाया के साथ मेरा भी संबंध जुडवा दो तब सभी मिलकर योगमाया के निवास उप स्वास्थ्य केन्द्र में गये और दीवार फांदकर उपर चढ़कर रस्सी के माध्यम से उसके घर अंदर आंगन में उतरे।

घर अंदर बैटरी के कैन्डल लाईट जल रहा था आंगन में सभी हलचल होने का आवाज सुनकर चेतन अपने बेडरूम से आंगन में चड्डा बनियान पहने हुये हालत में आया और फुलसिंग को देखकर बोला की इतने राम में कैसे मेरे घर आये हो तब फुलसिंग बोला कि काम से आये है।

इसबीच दोेनो तु-तु मैं-मै तथा नोंक झोंक होने लगा तभी चेतन फुलसिंग को एक झाफट मारा और उसके बात वही पड़ा फावड़ा उठाकर मारा तब उसी फावड़ा को फुलसिंग ने छिनकर चेतन के सिर एवं शरीर में कई जगह मारा। जिससें चेतन वही खून से लथ-पथ होकर जमीन में गिर गया एवं मर गया।

सुरेश और अखण्डल दोनों योगमाया के कमरे में घुसे और धर-पकड़ करने पर धक्का देकर योगमाया कमरे से बाहर निकली तब धर्मेन्द्र बरिहा हाथ से योगमाया के गर्दन को पकड़ दिवाल से टकरा दिया और तभी अचानक धर्मेन्द्र बरिहा ने वही पास में पड़े लोहे की कत्तल को उठाकर गर्दन में रेत दिया।

तब योगमाया बेहोश होकर खुन से लथ-पथ होकर जमीन पर गिर गई। तब योगमाया को छटपटाते हुये देख कुल्हाड़ी के पीछे भोथरा हिस्से से योगमाया के सिर में सुरेश खुटे ने एक बार मारा जिससें योगमाया वही मर गई। इसी छिना झपटी के दौरान चेतन का एक बड़ा लड़का कमरे से आंगन में आकर धर्मेन्द्र बरिहा को दांत से चाबने लगा तब धर्मेन्द बरिहा ने फावड़ा से बच्चें को मार दिया। जिससें लड़का जमीन पर गिर कर मर गया।

तब सुरेश खुटे बोला की एक बच्चा बचा है सब बता देगा किसी को नही छोडना है कहा और फावड़ा लेकर कमरे में घुसा और कमरे के अंदर बिस्तर में सोये हुये बच्चें के सिर में मारा। जिससें बच्चा बिस्तर पर ही दम तोड़ दिया। तब उसके बाद धर्मेन्द्र बरिहा कमरें में रखे आलमारी खोला और उसमें रखे पैसा, सोना चांदी को निकाला तथा दिवार पर टंगे एल0ई0डी0 टीवी और वही पर रखे चेतन व योगमाया के मोबाईल फोन को पकड़ा तथा ताला चांबी को लेकर गेट से बाहर निकले तथा निकलते समय ताला बंद कर दिये।

धमेन्द्र बरिहा बाहर निकलने पर वही चाॅबी को फेंक दिया सभी लोग तलाब गये हाथ पैर धोये और सभी के पहने कमीज व पैट में खुन लगा हुआ था। सभी अपने-अपने कपड़े को धोकर के घर चले गये और गौरी शंकर अपने शर्ट को उताकर एक पत्थर में लपेट कर तलाब में फेंक दिया। फिर सभी अपने-अपने घर जाते समय सभी को सरपंच सुरेश बोला की कोई किसी को कुछ नही बतायेंगा जो पकड़ा जायेंगा।

वह अकेले मारा हूॅ कहकर कबुल करेगा। आरोपी गौरी शंकर के निशानदेही पर किशनपुर तलाब से उसका फेंका हुआ शर्ट तथा फुलंिसंग से टंगीया जप्त किया गया है। इन आरोपियों का न्यायिक रिमाण्ड लिया जा रहा है। जेल में पूर्व से निरूध मामले का अन्य व मुख्य आरोपी सुरेश खुटे का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर पृथक से पूछताछ की जायेगी।

यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, के निर्देशन में अति0 पुलिस अधीक्षक संजय धु्रव, प्रशिक्षु0 उपुअ0 उदय किरण (भा.पु.से) एवं अनुअ0 पिथौरा कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दिपेश जयसवाल प्रभारी साईबर सेल परेश पाण्डेय, उनि0 अजय वारे उनि0 संजय सिंह राजपूत थाना प्रभारी बागबहारा, उनि0 अनिल पालेश्वर, सउनि0 नवधाराम राम खाण्डेकर, प्रआर0 प्रकाश नंद आर0 कामता आवड़े, छत्रपाल सिन्हा आर0 शुभम पाण्डेय, अजय जांगडे़, की सराहनी भूमिका रही।

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