छत्तीसगढ़

अंगूठा छाप पिता सफल, पढ़ा लिखा बेटा फेल : हरीश

जोगी कांग्रेस में जाना जिंदगी की सबसे बड़ी भूल

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. कांग्रेस मेरी मातृ संस्था है। मैने अपने जीवन में यदि कोई भूल की तो जोगी कांग्रेस मेें जाकर। मेरी और मेरे परिवार की पहचान कांग्रेस से ही है। मेरे पिता अनपढ़ होकर भी कोंटा इलाके से चार बार के विधायक हैं।

हालांकि वे अनपढ़ हैं लेकिन वे कांग्रेस के साथ रहकर सफल हैं और मैने आवेश में आकर जो कदम उठाया पढ़ा लिखा होने के बाद भी मुझे ऐसा लगता है कि मै छह माह में ही फेल हो गया। यह कहना था कोंटा विधायक कवासी लखमा के पुत्र और सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरिश का जब वे कांग्रेस में लौटने के बाद पहली बार शहर पहुंचे।

हरिश का मानना है कि भाजपा जनता के साथ भेदभाव कर रही है। नक्सल मोर्चे के नाम पर आदिवासियों के साथ भेदभाव हो रहा है। पलायन के लिए लोग विवश हो रहे हैं। कांग्रेस जिस तरह से बंटी हुई थी और अजीत जोगी ने जनहित के लिए पार्टी बनाई थी उसे देखकर ऐसा लगता था कि जनता का भला होगा। समय के साथ पार्टी अपनी दिशा और दशा से भटक गई। इसके चलते ऐसा लगता है कि जोगी कांग्रेस से जनता का भला नहीं होगा। जनता का यदि कोई भला कर सकता है तो वह सिर्फ कांग्रेस है। यहीं कारण है कि मैने अपनी भूल को सुधारते कांग्रेस मेंं वापसी की और अब जीवन पर्यन्त कांग्रेस के साथ ही रहूंगा। हरीश ने उनसभी का आभार माना है जिन्होंने उन्हें कांग्रेस में वापस आने पर इतना सम्मान दिया है।

अचानक तय हुआ कार्यक्रम

कवासी हरिश से जब यह पूछा गया कि यूथ कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी कांग्रेस भवन से नदारत हैं तो उन्होंने बताया कि कोंटा से वो अपने व्यक्तिगत कार्य के लिए शहर आए थे। इस बीच उनकी चर्चा युवा साथियों से हुई। अचानक ही उन्होंने स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया। अब शहर आए हैं तो वे यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों से मिलकर ही जाएंगे।

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