तिफरा फ्लाईओवर समय में पूरा होना असंभव

-नईम खान

बिलासपुर।

सड़क,नाली बनाने वाले नगरीय प्रशासन विभाग के इंजीनियर पहली बार फ्लाईओवर निर्माण में हाथ आजमा रहे हैं। इसका पहला असर यह हुआ कि 18 माह में पूरा होने वाला काम 11 माह बाद भी 30 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। अब तक ठेकेदार पिलर खड़ा नहीं कर पाया है। जबकि इसके बाद फ्लाईओवर की पूरी छत बननी है। वहीं जमीन अधिग्रहण भी इस प्रोजेक्ट में नहीं हुआ है।

जबकि शासन का स्पष्ट आदेश है कि बिना अधिग्रहण काम शुरू ही नहीं करना है। रायपुर की तरफ से आने वालों के लिए तिफरा रेलवे क्रासिंग ही प्रवेश द्वार है।

यहीं से नगर निगम की सीमा शुरू होती है। यहां पहले से बना रेलवे ओवरब्रिज संकरा होने के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। इसे देखते हुए शासन ने यहां एक नया फ्लाईओवर का काम स्वीकृत किया है।

इसमें खास बात यह है कि फ्लाईओवर बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के ब्रिज सेक्शन को देने के बजाय नगरीय प्रशासन विभाग ने खुद उठा ली। पहली बार नगरीय प्रशासन विभाग फ्लाईओवर बनवा रहा है। इस काम की मॉनिटरिंग करने वाले कई इंजीनियरों को इससे पहले फ्लाईओवर बनवाने का कोई अनुभव नहीं है। अब तक वे शहर में नाली,सड़क की बनवाते रहे हैं।

ऐसे में एकदम अलग प्रवृत्ति के इतने बड़े काम को उनके भरोसे शुरू कराना बेहद ही जोखिम का काम माना जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के इस प्रोजेक्ट में हाथ डालने का असर अब दिखने लगा है। फ्लाईओवर का काम बेहद विलंब हो गया है।

ठेकेदार अपनी मनमर्जी से बहुत ही धीमे काम कर रहा है। जिसके कारण समय में इसका पूरा होना अब असंभव माना जा रहा है। केवल इतना ही नहीं कागजी कार्यवाही में भी नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी बेहद पीछे है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही भी अब तक पूरी नहीं हुई और यहां निर्माण कार्य चालू कर दिया गया है।

ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट को लेकर आशंका की लकीर खींच गई है। मालूम हो कि फ्लाईओवर का निर्माण रायपुर रोड के बेहद व्यस्त सड़क पर हो रहा है। इस निर्माण कार्य के कारण यहां सड़क जाम और धूल जैसी समस्या लोगों को झेलनी पड़ रही है। इस काम में विलंब होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।

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