छत्तीसगढ़

कटघोरा डीएफओ शमा फारूकी के पदभार संभालते ही आई विभाग के कार्यो में कसावट

कई नए प्रयोजल बनाने की चल रही तैयारी।

अरविन्द शर्मा:
कटघोरा: आये दिन सुर्खियों में रहने वाला कटघोरा वन मण्डल इन दिनों अपने कार्यो को लेकर काफी सजग व सतर्क नजर आ रहा है।नए प्रभारी डीएफओ शमा फारूकी के पदभार संभालते ही विभाग के कार्यो में काफी कसावट देखने को मिल रही है।

रेंजों में चल रहे कार्यो की गुणवत्ता व उनकी यथास्थिति जानने के लिए फारूकी जी का लगातार दौरा भी चल रहा है।कोरोना 19 को लेकर हुए लाग डाउन के दौरान भी लगातार अपने बंगले से ही विभागीय कार्यो का निर्वहन करते हुए सभी रेंजरों व कर्मचारियों को निर्देशित भी करती रही और कोरोना से बचाव के उपाय भी सुझाती रही हैं।

फारूकी ने बताया कि नरवा घुरवा का कार्य हरहाल में 15 जून तक कम्प्लीट करना है।तेंदूपत्ता व लघुवनोपज के संग्रहण कार्य पूरे हो चुके हैं।चारागाह व बांस प्लांटेशन का कार्य अभी चालू है।सभी रेंजों में डोर टू डोर से 27000 पौधों का प्लांटेशन होना है।एलिफेंट तालाब बनाने के प्रपोजल पर भी तैयारी चल रही है।

पसान,केंदई व एतमानगर जो कि हाथी प्रभावित छेत्र है यहां हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग की आवश्यक्ता है जिसके लिए कर्मचारियों को ट्रैनिंग के तौर पर असम व केरला भेजने पर भी विचार किया जा रहा है।

फारूकी ने आगे यह भी बताया कि हाथी अनाज की तलाश में गाव की सीमा मे प्रवेश कर रहे हैं जिससे ग्रामवासियो का इनसे आये दिन आमना सामना हो जाता है और वे घटना का शिकार हो जाते हैं।इसकी रोकथाम के लिए वन मण्डल ने हाथी प्रभावित छेत्रो में अनाज गोदाम बंनाने के प्रपोजल पर भी विचार कर रहा है।जिसमे किसान अपने अनाज को सुरक्षित रख सकेंगे ।

फारूकी जी पूर्व में अपनी सेवाएं केशकाल में डीएफओ के तौर पर दे चुकी हैं और अब कटघोरा में इन्होंने कार्यभार संभाला है।मैडम ने बताया कि ग्रामीण छेत्रों वन्यप्राणियों से लोगो को सुरक्षित रखना भी पहली प्राथमिकता होगी तथा कई सार्थक कदम उठाए जाएंगे।

वन्यप्राणियों के लिए भी वे तमाम इंतजामात किये जायेंगे जिससे वे गाँव की ओर रुख ना करते हुए वनों में ही सीमित रहे और गाव में किसी भी प्रकार से ग्रामीणों को जानमाल की छति ना हो सके।

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