पुल नही होने से ट्यूब के भरोसे आज भी लोग कर रहे नाला पार

- योगेश केशरवानी

बिलाईगढ़ : बिलाईगढ़ ब्लाॅक के नगर पंचायत भटगांव के समीप गिरवानी गांव से महज 2 किलोमीटर दूर तालगांव स्थित गांव है जहां ग्राम पंचायत तालगांव के ग्रामीणो को आवागमन की समस्या से परेशान है।

जहां तालगांव के ग्रामीणो की समस्या यह है कि उनके गांव में पहुंचने के लिए पुलिया नही बन पाई है। कच्चा मार्ग एवं नाले से होकर गांव की ओर जाता है। लेकिन बारिश के समय मे तालगांव के ग्रामीणो की मुश्किल और बढ़ जाता है।

वही जब बारिश के दिन आते ही इन ग्रामीणो का संम्पर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है अभी तो गर्मी के दिनो मे ट्यूब के सहारे तालगांव से भटगांव या और कही जाना होता है तो जाते है गर्मी के दिनो मे इन ग्रामीणो को ट्यूब मे बांस की बल्ली बनाकर नाला पार करते है तो बरसात मे कैसे आवागमन करते होंगे तालगांव वासी क्योकि बरसात के दिनो मे कमर से भी ज्यादा तक पानी हमेशा ही रहता है।

ऐसे मे ग्रामीण जन साईकिल उठा कर अन्य लोगो की मदद से बाईक को उठाकर समूह बनाकर एक दूसरे के सहारे से ट्यूब से बने बांस बल्ली मे चढ़ाकर उस पार से इस पार लाते है और अपने गांव पहुंचते है।

जहा तालगांव के ग्रामीणो, पालको और छात्र – छात्राओ से जब क्लीपर 28 की टीम ने पूछा कि आप लोग इस पूर को कैसे पार करते हो तब उन्होने बताया कि कोचिंग पहुंचने, बुर्जुगो को वहिनो को निकलने मे काफी परेशानी होती है जहा तालगांव के ग्रामीण इसी रास्ते से गुजरते है यह मार्ग तालगांव के ग्रामीणो को आने जाने के लिए दूरी कम पड़ता है।

वही ग्रामीण जन अपने जान को जोखिम मे डालकर बहते पानी से होकर नाले को पार करते है। जह कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है और यदि किसी गांव वाले का स्वास्थ्य खराब हो जाए तो उपचार के लिए भटगांव य अन्य स्थानो पर ले जाने मे समस्या होती है।

वही आपको बता दे कि तालगांव एवं आस पास के गांवों में रहने वाले लोग बच्चे वा बुजुर्ग को आज भी भटगांव, सलीहाघाट, बसंतपुर, जांजगीर चांपा जाने आने के लिए पुल नही होने के कारण गाड़ी के ट्यूब के ऊपर बास बल्ली को बांधकर नाव बनाया गया है जिसमें लोगों को मजबूरी में पुल ना होने से जान जोखिम में डालकर नाले को पार करना पड़ता है!

तालगांव में रहने वाले बच्चों को नाले से पार कर भटगांव स्कुल पढ़ने के लिए आना जाना पड़ता है! वहीं बुजुर्गों एवं ग्रामीणों को अपने जीवन यापन करने के लिए राशन समान के लिए भटगांव आना पड़ता हैं!जिसके कारण ट्यूब के सहारे नाला पार करने पर मजबूर है!गर्मी की दिनों में नाले में कम पानी होने की वजह से ट्यूब के सहारे आना जाना हो जाता है।

वही बारिश की दिनों नाले में पानी लबालब होने के कारण बच्चे वा बुजुर्ग एवं ग्रामीणों को नाले से पार नही कर पाते हैं! वही ग्रामीणों ने बताया कि नाले के दूसरी ओर से भटगांव जाने के लिए मार्ग है लेकिन 20 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करना पड़ता हैं।

वही इस नाले को पार करने से महज 7 से 8 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है! नाला पार करने से ही 12 से 13 किलोमीटर की दूरी कम लगती है इसीलिए ग्रामीण जान जोखिम में डालकर ट्यूब के सहारे नाला पार करने को आज भी मजबूर है! हमारे द्वारा ग्रामीणों से बात करने पर बताया गया कि कई सालों से इस नाले के लिए एक पुलिया की मांग शासन-प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों से किया गया है, लेकिन आज तक ना किसी अधिकारी ने और ना ही किसी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान दिया है!

जिससे आज आजादी के 72 साल बाद भी लोग नाव के सहारे नाले को पार कर आना जाना करने पर मजबूर हैं! शादी के सीजन होने की वजह से लोगों को राशन समान एवं अन्य सामानों के लिए बार-बार भटगांव आना जाना पड़ता है जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है!

वहीं बाहर से आए हुए राहगीरों को भी तालगांव या तालगांव के आस पास लगे गांव में जाने से डर लगता है लेकिन लोगों को जरूरी काम होने की वजह से जान जोखिम में डालकर मजबूरी में ट्यूब के सहारे नाला पार करना पड़ता हैं! वहीं ताल गांव के लोगों ने मांग की है कि इस ओर शासन-प्रशासन ध्यान दें और जल्दी से जल्दी ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक पुल का निर्माण करवाया जाए।

वही ग्राम पंचायत तालगांव के एक ग्रामीण ने बताया कि ये समस्या बहुत दिनो से है लेकिन अभी डेम के कारण से इसमे पानी जमा हो गया है। तो केवल अभी हाल काम चलाने के लिए ट्यूब से नाव बना करके आगे जाने के लिए साधन बनाये है।

और हमने शासन प्रशासन से मांग किया है। जहां एसडीओ को भेजा था नाप जोक किया है। और अगले साल इनका इनका बन जायेंगा बांध वही हमारे क्लीपर 28 संवाददाता ने जब आगे पूछा कि कुछ माह पहले नाव इस नाला मे पलट गया था तब तालगांव के एक ग्रामीण ने बताया कि नाव पलटी नही हुआ था।

Back to top button