छत्तीसगढ़

देवव्रत के लिए प्रायश्चित का समय: ज्ञानेश शर्मा

आपको बता दें कि अजीत जोगी ने खैरागढ़ विधानसभा सीट के लिए देवव्रत सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है

कांग्रेस पार्टी ने कई लोगों को नाम और पहचान दी है, जिसने इस पार्टी से नाता तोड़ा है, उसका अस्तित्व भी खतरे में पड़ा है, ये देवव्रत के लिए भी प्रायश्चित का समय है ताकि वो समझ सके कि उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़कर कितनी बड़ी भूल कि है – ये कहना है कांग्रेस के प्रवक्ता ज्ञानेश शर्मा का. उन्होंने कहा कि देवव्रत के परिवारजन को पार्टी ने कई प्रमुख पदों पर रखा और जब उसने पार्टी के साथ विश्वासघात किया तो उसका परिणाम सभी के सामने है.

आपको बता दें कि अजीत जोगी ने खैरागढ़ विधानसभा सीट के लिए देवव्रत सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है, इस फैसले का 96 गांव के करीब 700 लोगों ने विरोध किया है कि देवव्रत का रवैया किसान विरोधी है, जिससे पार्टी को नुकसान हो सकता है. अजीत जोगी से मुलाकात करके यह कहा था कि देवव्रत राजा हैं, वे किसानों का दर्द नहीं समझ सकते. इसलिए बेहतर होगा कि वे किसी किसान या समाजसेवी को अपना उमीदवार बनायें.

ज्ञानेश शर्मा ने इस संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पावर हब है और उसके बिना सोडियम, मरकरी और एल.ई.डी. का कोई महत्त्व नहीं रह जाता. देवव्रत का अपना कोई खास जनाधार नहीं है और लोगों के विरोध ने इस बात को साबित कर दिया है.

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