छत्तीसगढ़

अधूरी ख्वाहिश पूरी करने दुल्हा ने बैलगाड़ी पर ही बारात ले जाने का किया फैसला

बैलगाड़ी की ये बारात सैकड़ों कारों के काफिले और हाथी-घोड़ों की बग्गी पर भारी थी

जंगलपुर: जंगलपुर में रहने वाला कोबरा बटालियन 204 का जवान पूर्णानंद इसी साल फरवरी महीने में नक्सलियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हो गया. उसकी ख्वाहिश थी कि वो अपनी शादी में बैलगाड़ी से बारात लेकर जाए. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.

अब 11 महीने बाद जब पूर्णानंद की बहन ओनिशा की शादी तय हुई, तो उसके होने वाले पति शैलेंद्र को इस बात का पता चला। फिर उसने पूर्णानंद की अधूरी ख्वाहिश पूरी करने बैलगाड़ी पर ही बारात ले जाने का फैसला किया. जबकि शैलेंद्र अमेरिका में एक कंपनी में काम करता है.

बैलगाड़ी की ये बारात सैकड़ों कारों के काफिले और हाथी-घोड़ों की बग्गी पर भारी थी. सजी हुई ग्यारह बैलगाड़ियों में जब बारात निकली और दुल्हन के द्वार पहुंची, तो एक अधूरा सपना पूरा होने की खुशी.

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