पापों से मुक्ति पाने मंकर सक्रांति पर तिल मिश्रित जल से करें स्नान, तुरंत मिलेगा लाभ

वर्ष 2019 में सूर्य दिनांक 14 जनवरी को सायंकाल 7 बजकर 51 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं

2019 का पहला त्यौहार मंकर सक्रांति 14 व 15 तारीख को मनाया जा रहा है. जब सूर्य गोचरवश भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब इसे “मकर-संक्रांति” कहा जाता है.

वर्ष 2019 में सूर्य दिनांक 14 जनवरी को सायंकाल 7 बजकर 51 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं. उदयकालीन तिथि की मान्यतानुसार सूर्य 15 जनवरी को प्रात: मकर राशि में हैं. अत: इसी दिन “मकर-संक्रांति” का पर्व मनाया जा रहा है.

संक्रांति का वाहन-

इस बार संक्रांति का वाहन सिंह एवं उपवाहन गज (हाथी) होगा. वर्ष 2019 में संक्रांति श्वेत वस्त्र धारण किए स्वर्ण-पात्र में अन्न ग्रहण करते हुए कुमकुम का लेप किए हुए उत्तर दिशा की ओर जाती हुई आ रही है.

तिलदान का विशेष महत्व-

मकर-संक्रांति के दिन तिल से बनी हुई वस्तुओं का दान देना श्रेयस्कर रहेगा.

धर्म शास्त्रों के अनुसार, तिल दान से शनि के कुप्रभाव कम होते हैं.

तिल मिश्रित जल से स्नान करने से, पापों से मुक्ति मिलती है, निराशा समाप्त होती है.

मकर संक्रांति के पवित्र अवसर पर सूर्य पूजन और सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करने से अवश्य लाभ मिलता है.

अगर भाषा व उच्चारण शुद्ध हो तो आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करें. यह अनुभूत प्रयोग है.

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