घर से पितृदोष को दूर करने के लिए शाम को करें ये उपाय

वास्तुदोष को मिटाने के लिए कपूर का बहुत महत्व

अंनत चतुर्देशी के अगले दिन पितृ पक्ष की शुरूआत हो चूकी है। ये 15 दिनों तक चलेगा। इस समय लोग अपने पूर्वजों की शांति के लिए कई तरह के उपाय करते हैं।

लेकिन क्या आपको पता है घर में देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। अगर आपके घर में भी पितृ दोष है तो घर में तनाव के साथ हमेशा लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसका संबध आपके वास्तुदोष से भी होता है। जिससे अक्सर आपके बने काम भी बिगड़ जाते है।

इसके लिए आप का धूप विशेष दिनों में देने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। घर में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता लेकिन यह धूप देवताओं के निमित्त ही देना चाहिए।

कपूर अति सुगंधित पदार्थ है तथा इसके दहन से वातावरण सुगंधित हो जाता है। प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कपूर जरूर जलाएं।

हिंदू धर्म में संध्यावंदन, आरती या प्रार्थना के बाद कपूर जलाकर उसकी आरती लेने की परम्परा है।

घर के वास्तुदोष को मिटाने के लिए कपूर का बहुत महत्व है। यदि सीढिय़ां, टॉयलेट या द्वार किसी गलत दिशा में निर्मित हो गए हैं तो सभी जगह एक-एक कपूर की बट्टी रख दें।

वहां रखा कपूर चमत्कारिक रूप से वास्तुदोष को दूर कर देगा। रात्रि में सोने से पहले पीतल के बर्तन में घी में भीगा हुआ कपूर जला दें। इससे तनावमुक्ति होगी और गहरी नींद आएगी।

घर में साफ-सफाई रखते हुए पीतल के पत्ते से 7 दिन तक पूरे घर में गौमूत्र के छींटे मारें एवं तत्पश्चात शुद्ध गुग्गल की धूप जला दें।

इससे घर में किसी ने कुछ कर रखा होगा तो वह दूर हो जाएगा और सभी के मस्तिष्क शांत रहेंगे।

हफ्ते में एक बार किसी भी दिन घर में कंडे जलाकर गुग्गल की धूनी देने से गृह-कलह शांत होती है।

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