आज बुद्ध पूर्णिमा, ये हैं भगवान बुद्ध के 5 अनमोल वचन जो बदल देंगे आपकी जिंदगी

वैसे तो हर पूर्णिमा अपने आप में अहम होती है, लेकिन वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई और इस दिन उनका महापरिनिर्वाण हुआ।

नई दिल्ली

वैसे तो हर पूर्णिमा अपने आप में अहम होती है, लेकिन वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई और इस दिन उनका महापरिनिर्वाण हुआ।

पौराणिक कथा के अनुसार, श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे उनके मित्र सुदामा की दरिद्रता देखकर भगवान से रहा नहीं गया। उन्होंने सुदामा को सत्य विनायक व्रत करने को कहा, जिसके प्रभाव से उनकी दरिद्रता समाप्त हो गई। इस दिन ‘धर्मराज’ की पूजा का भी विधान है। धर्मराज की इस दिन पूजा-उपासना से साधक को अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता है।

प्रमुख संदेश —

1 -एक दीपक की लौ से हम हजारों दीपक जला सकते हैं फिर भी दीपक की रोशनी कम नहीं होती है। इसलिए अपने जीवन को दीपक बनाएं और सभी को खुशियां बांटे।

2-बुराई से बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता। किसी की बुराई करने से प्रेम में कमी आती है, इसलिए दूसरों की बुराई करने से बचो।

3 -भगवान बुद्ध ने सुखी जीवन जीने का सबसे सरल रास्ता बताया है। जो हो गया उसे भूल जाओ, भविष्य के सपने मत देखो, वर्तमान समय पर ही ध्यान लगाओ।

4 -कभी भी क्रोध न करें क्योंकि क्रोध की सजा नहीं मिलती हैं बल्कि क्रोध से सजा मिलती है। इसलिए अपने जीवन से क्रोध का त्याग करें, जीवन सुखमय बनेगा।

5 -किसी दूसरों पर विजय प्राप्त करने से पहले अपने ऊपर विजय प्राप्त करें। खुद पर विजय प्राप्ति के बाद हमेशा जीत आपकी ही होगी

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