टेक्नोलॉजी

आज मध्यरात्रि के बाद इतिहास रचेगा चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’

लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए तैयार

नई दिल्ली: मिशन चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर विक्रम 2 सितंबर को सफलतापूर्वक अलग हो गया. विक्रम लैंडर में अत्‍याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जो कि चांद पर कई सारे अहम शोध करेंगे. विक्रम के साथ ही चांद की सतह पर प्रज्ञान नामक रोबोटिक यान भी उतरेगा.

बात दें चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ आज मध्यरात्रि के बाद इतिहास रचेगा. लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए तैयार है. ‘विक्रम’ चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के रहस्यों को सामने ला सकता है.

चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ को शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि एक बजे से दो बजे के बीच चांद की सतह पर उतारने की प्रक्रिया की जाएगी और यह रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा.

इसरो का कहना है चांद का दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र बेहद दिलचस्प है क्योंकि यह उत्तरी ध्रुव क्षेत्र के मुकाबले काफी बड़ा है और अंधेरे में डूबा रहता है. चांद का दक्षिणी ध्रुव अब तक अनजाना रहा है.

इसरो को अगर सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता मिल जाती है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. इसके साथ ही चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा.

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