तीन कृषि बिल के विरोध में आज दर्जनों संगठनों ने बुलाया भारत बंद

पंजाब और हरियाणा में इस बिल का व्यापक तौर पर विरोध हो रहा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि बिल के विरोध में आज दर्जनों संगठनों ने भारत बंद का आव्हान किया है. इस दौरान दिल्ली से लेकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में किसान सड़क पर उतरेंगे और बिल को वापस लेने की मांग करेंगे.

किसानों के भारत बंद को किनका समर्थन?
कृषि बिल के विरोध में 25 सितंबर को बुलाया गया भारत बंद कई संगठनों के द्वारा बुलाया गया है. लेकिन इसकी अगुवाई ऑल इंडिया किसान संघर्ष कॉर्डिनेशन कमेटी, ऑल इंडिया किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन कर रहे हैं.

इस बंद के समर्थन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लेफ्ट, टीएमसी, डीएमके, टीआरएस समेत कुल 18 राजनीतिक दलों ने अपनी आवाज़ उठाई है. इनके अलावा CITU, AITUC, हिन्द मज़दूर सभा समेत कुल दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने भी अपना समर्थन बंद को दिया है.

भारत बंद में क्या होगा?

किसानों की ओर से अभी भी कई जगह रेल रोको और रास्ता रोको का अभियान चलाया जा रहा है, जो भारत बंद के दौरान व्यापक स्तर पर हो सकता है. ऐसे में इनका असर खासकर उत्तर भारत और उन राज्यों में दिखेगा जहां किसानों की मौजूदगी अधिक है.

किस राज्य में क्या होगा?

पंजाब और हरियाणा

इन दो राज्यों में इस बिल का व्यापक तौर पर विरोध हो रहा है. कई बार यहां किसानों पर लाठीचार्ज भी हुआ है. किसानों के द्वारा यहां रेल रोको अभियान चलाया जाएगा. पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है. साथ ही आज धारा 144 के उल्लंघन पर कोई FIR दर्ज नहीं होगी.

दिल्ली और एनसीआर

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने किसानों के बंद का समर्थन किया है. किसानों की ओर से दिल्ली-एनसीआर बॉर्डर बंद करने की चेतावनी दी गई है.

उत्तर प्रदेश

यहां पर भारतीय किसान यूनियन ने गांव, कस्बे और जिला स्तर पर हाईवे जाम करने की बात कही है. BKU को कई स्थानीय ट्रेडर बॉडी और किसानों का समर्थन मिला है.

पश्चिम बंगाल

लेफ्ट पार्टी से जुड़े ऑल इंडिया किसान सभा ने यहां पर बंद बुलाया है, इस दौरान रास्ते रोके जाएंगे. उनके अलावा कई छोटे किसान संगठन, मंडी संगठन ने बंद का समर्थन किया है.

महाराष्ट्र

ऑल इंडिया किसान सभा महाराष्ट्र में सबसे बड़े किसान ग्रुपों में से एक है. इस संगठन में तीन लाख से अधिक किसान हैं, जिन्होंने राज्य के 21 जिलों में व्यापक प्रदर्शन की बात कही है.

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