आज बना है धनतेरस जितना शुभ संयोग, जानें इसके महत्व

गुरुवार को यह पुष्यम नक्षत्र होता है तो यह संयोग गुरु पुष्य‍ संयोग

ज्योतिषियों के बीच गुरु पुष्यं योग को बहुत ही विशिष्टा और अत्यीन्ता शुभ फल देने वाला माना गया है। इस योग पर किए गए कार्यों में जातक को सफलता मिलती है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।

अगर गुरुवार को यह पुष्यम नक्षत्र होता है तो यह संयोग गुरु पुष्य‍ संयोग कहलाता है। आइए जानते हैं इसका धार्मिक महत्व और इस संयोग में किन कामों को करने से होगी शुभ फल की प्राप्ति…

भगवान राम का हुआ था जन्म्


पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में खास माना गया है। माना जाता है भगवान राम का जन्म भी पुष्य नक्षत्र में ही हुआ था। यह अत्यंत शुभ और लाभकारी होता है, इस नक्षत्र के दौरान किए गए कार्य अवश्य ही शुभ फलदायी साबित होते हैं।

धनतेरस से कम नहीं है महत्व

शास्त्रों में इस बात का उल्लेवख मिलता है कि धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था।

जब पुष्य नक्षत्र रविवार को होता है तो इसे रवि पुष्यी नक्षत्र और जब यह गुरुवार को पड़ता है तो इसे गुरु पुष्यय योग कहते हैं। ये दोनों योग धन तेरस और चैत्र प्रतिप्रदा के समान शुभ माने जाते हैं।


अशुभ घड़ी को भी बना देता है शुभ

वैसे तो चंद्रमा का राशि के चौथे, आठवें एवं 12वें भाव में उपस्थित होना अशुभ माना जाता है। मगर पुष्यं संयोग इतना शुभ माना जाता है कि यह अशुभ को भी शुभ में बदल देता है। यही वजह है कि 27 नक्षत्रों में इसको सबसे शुभ माना जाता है।

भवन की नींव रखने के लिए

अगर आप अपना घर बनवाने के बारे में सोच रहे हैं तो गुरु पुष्या नक्षत्र को इसकी नींव रखवा सकते हैं। इस संयोग पर नींव रखने पर घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।


उद्घाटन करने के लिए शुभ

इस शुभ मुहूर्त का चुनाव आप अपने घर या फिर दुकान का उद्घाटन करने के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं।


खरीद सकते हैं स्व र्ण आभूषण

इस अवसर पर स्वीर्ण आभूषण भी खरीद सकते हैं। इस दिन सोना खरीदने का महत्व धनतेरस से कम नहीं होता।

कोई बड़ी डील साइन करना

कोई ऐसी डील जिसके लिए आप काफी समय से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फाइनल नहीं हो पा रही है तो इस शुभ घड़ी पर उस डील को बेझिझक साइन कर सकते हैं। निश्चित ही अच्छेइ परिणाम प्राप्मु होंगे।
नए घर में शिफ्ट

इस शुभ नक्षत्र पर आप अपने नए घर में भी शिफ्ट हो सकते हैं। भले ही अभी पितृपक्ष चल रहा है, लेकिन गुरु पुष्यभ ग्रह के प्रभाव से सब कुछ अच्छा होगा।

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