लोकतंत्र के लिए आज का दिन अहम, भारत हमें करीब से देखेगा : PM मोदी

कांग्रेस किसानों की दुर्दशा और अन्य नाकामियों को लेकर सरकार का असली चेहरा जनता के सामने रखना चाहती है.

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन काफी अहम है. आज लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी.

पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आज लोकसभा में क्या होगा और कांग्रेस और सरकार को जो समय दिये गये हैं, उनमें किस तरह की बातों को उठाया जाएगा. हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव पर बहस से पहले पीएम मोदी ने रचनात्मक और व्यवधान मुक्त बहस की उम्मीद जताई है.

अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए समय

आज अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा के दौरान ना तो प्रश्नकाल होगा, ना ही लंच ब्रेक होगा. यहां तक कि शुक्रवार को होने वाला निजी विधेयक का समय भी अगले सप्ताह तक के लिए टाल दिया गया है.

11 से लगातार 6 बजे तक होगा भाषणों का दौर चलेगा. जहाँ बहस के लिए बीजेपी को 3.30 घंटे मिलेंगे वहीँ कांग्रेस को 38 मिनट का समय दिया गया है .

पीएम मोदी ने शुक्रवार की सुबह ट्वीट किया, ‘हमारे संसदीय लोकतंत्र में आज का दिन अहम है. मुझे यकीन है कि मेरे साथी सांसद सहयोगी इस अवसर पर रहेंगे और एक रचनात्मक, व्यापक

और व्यवधान मुक्त बहस सुनिश्चित करेंगे. हम इसके लिए लोगों और हमारे संविधान के निर्माताओं को श्रेय देते हैं. भारत हमें काफी नजदीक से देखेगा.’

क्या हासिल करना चाहता है विपक्ष

मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान शुक्रवार को होगा. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मॉनसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

पिछले 15 साल में यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव है. इससे पहले 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के खिलाफ प्रस्ताव आया था जो गिर गया था. 2008 में मनमोहन सिंह सरकार न्यूक्लियर डील पर विश्वास प्रस्ताव लाई थी और जीत गई थी.

जैसे टीडीपी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रही है. वहीं कांग्रेस किसानों की दुर्दशा और अन्य नाकामियों को लेकर सरकार का असली चेहरा जनता के सामने रखना चाहती है. तृणमूल कांग्रेस भी इस प्रस्ताव के समर्थन में है.

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