अमेठी दौरा पर आज राहुल का दूसरा दिन, पीएम मोदी पर बोला हमला

केंद्र सरकार ने अनिल अंबानी को 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया

रायबरेली :

मानसरोवर यात्रा के बाद पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी दो दिवसीय अमेठी दौरे पर हैं। आज इस दौरे का उनका दूसरा दिन है। राहुल गाँधी सोमवार को अमेठी दौरे के लिए निकले थे।

मानसरोवर यात्रा के बाद पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि आपको याद है कि प्रधानमंत्रीजी ने कहा था कि मैं प्रधानमंत्री नहीं, देश का चौकीदार बनना चाहता हूं।

लेकिन खुद को देश का चौकीदार कहने वाले ने देश को लूटने का काम किया।

जायस के मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने कहा कि जब अनिल अंबानी की कंपनी से डील कराई गई थी, तब उनकी कंपनी नहीं बनी थी।

10 दिन पहले कंपनी बनवाई गई और फिर भी उन्हें कांट्रैक्ट दिला दिया गया।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 126 राफेल विमान फ्रांस से खरीदे थे। एक राफेल विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये थी।

यहां पर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) अमेठी को उसका कांट्रैक्ट दिया गया था। जिससे अमेठी के युवाओं, इंजीनियरों को रोजगार मिलता।

इसके उलट देश के चौकीदार फ्रांस जाते हैं और वहां के राष्ट्रपति से सौदा होता है। मोदीजी कहते हैं कि एचएल को छोड़िए, अनिल अंबानी की कंपनी को राफेल विमान खरीदने का कांट्रैक्ट दे दो।

देश की रक्षामंत्री कहती हैं कि राफेल का दाम हिंदुस्तान की जनता को नहीं बता सकतीं, क्योंकि फ्रांस से गोपनीय वार्ता हुई है। राफेल का दाम आप किसी से नहीं बताएंगे।

जब फ्रांस के राष्ट्रपति हिंदुस्तान आए तब मैंने उनसे मिलकर बात की और पूछा कि आपकी भारत सरकार की कोई गोपनीय बात हुई है कि हिंदुस्तान की जनता को राफेल के दाम न बताए जाएं।

इस पर उन्होंने कहा कि हमारी ऐसी कोई बात नहीं हुई है। अनिल अंबानी की कंपनी को कांट्रैक्ट देने का काम हमने नहीं बल्कि, मोदी सरकार ने किया है। राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनिल अंबानी को 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया है।

इस सरकार ने ललित मोदी, नीरव मोदी समेत कुछ ही लोगों को फायदा पहुंचाया। विजय माल्या ने नौ हजार करोड़ रुपये की चोरी की। सरकार के वित्त मंत्री से माल्या की मुलाकात भी हुई थी और उसे विदेश भगा दिया गया। अब वित्त मंत्री कह रहे हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

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