राष्ट्रीय

आज बेंगलुरु में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस में उड़ान भरेंगे राजनाथ सिंह

तेजस एचएएल और एडीए द्वारा डिजाइन और विकसित

बेंगलुरु:आज गुरुवार को दो सीटों वाले स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तमिलनाडु के सुलूर एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरेंगे.

तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है. इस सिंगल-इंजन फाइटर के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को मिग -21 बाइसन विमान को बदलने की अनुमति मिल जाएगी.

दिसंबर 2017 में भारतीय वायुसेना द्वारा 83 तेजस विमानों के लिए प्रस्ताव (RFP) जारी किया गया था. उल्लेखनीय है कि 83 तेजस विमानों में से 10 दो सीट वाले होंगे और भारतीय वायुसेना इन विमानों का इस्तेमाल अपने पायलटों के प्रशिक्षण के लिए करेगी.

तेजस फाइटर जेट को 21 फरवरी, 2019 को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (FOC) स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन द्वारा जारी किया गया था.

FOC स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन जारी करने का मतलब है कि तेजस मुकाबले के लिए तैयार है. तेजस पहले से ही हवा में ईंधन भरने, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सुइट, कई अलग-अलग प्रकार के बम, मिसाइल और हथियारों जैसी तकनीकों से लैस है.

13 सितंबर 2019 को तेजस का नौसैनिक वर्जन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करने में सफल रहा, जब इसने गोवा में समुद्री तट -आधारित टेस्ट फैसिलिटी (SBTF) INS हंसा में वायर-अरेस्ट लैंडिंग की.

वायर अरेस्टेड लैंडिंग करने वाले तेजस विमान को चीफ टेस्ट पायलट कमोडोर जयदीप ए मौलंकर ने उड़ाया था. DRDO ने वायर-अरेस्ट लैंडिंग को “इंडियन नेवल एविएशन” के इतिहास में “गोल्डन लेटर डे” कहा था.

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