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आज बहादुर विमान मिग-27 को भारतीय वायुसेना से दी जाएगी विदाई

कारगिल युद्ध में मिग-27 हुआ था पाकिस्‍तान पर भारी साबित

नई दिल्‍ली: 1999 की कारगिल जंग के दौरान अहम भूमिका निभाने और अपने पराक्रम की वजह से भारतीय वायुसेना में MIG-27 पराक्रम नाम से सम्मानित बहादुर विमान मिग-27 का आज भारतीय वायुसेना से विदाई दी जाएगी.

जोधपुर ऐयरबेस पर आज सुबह एक समारोह में लड़ाकू विमान मिग-27 की एक मात्र स्क्वाडर्न स्कॉर्पियो के सभी फाइटर जेट एक साथ आखिरी उड़ान भरेंगे. उड़ान ग्रुप कैप्टन राव के नेतृत्व में होगी, जिसमें 7 MIG-27 विमान अंतिम फ्लाईपास्ट करेंगे. ये MIG-27 38 साल तक की देश की सेवा में रहे.

आखिरी उड़ान भरने के बाद ये सभी विमान फेज आउट हो जाएंगे. लड़ाकू विमान मिग-27 को सूर्य किरण की टीम हैरतअंगेज करतब के साथ शानदार विदाई देगी. इसके साथ ही भारतीय वायुसेना ही नहीं दुनियाभर में MIG-27 विमान एक इतिहास बन जाएगा.

रक्षा प्रवक्‍ता सोमवित घोष ने बताया कि मिग 27 की दुनियाभर की आखिरी स्क्वाडर्न जोधपुर में कार्यरत थी. इससे पूर्व हासीमारा एयरवेज पश्चिम बंगाल से मिग-27 के 2 स्क्वाड्रन रिटायर हो चुके हैं. आखिर में सिर्फ 7 मिग-27 बचे थे और आज सभी पायलट यहां वायुसेना स्टेशन पर इन विमानों को अंतिम बार उड़ाएंगे. जमीन पर उतारने के बाद विमानों को सलामी दी जाएगी.

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