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आज से केरल में बीजेपी की जनरक्षा यात्रा, वर्करों का मनोबल बढ़ाने के साथ पांव जमाने की रणनीति

नई दिल्ली : केरल में चल रही राजनीतिक हिंसा के खिलाफ बीजेपी मंगलवार से अपनी जनरक्षा यात्रा शुरू करने जा रही है। पार्टी इस जनरक्षा यात्रा के जरिए अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल तो बढ़ाना ही चाहती है, साथ ही उसकी नजर केरल में अपने पांव जमाने पर भी है। पार्टी को लग रहा है कि इस यात्रा के जरिए वह राज्य में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी, जिसका फौरी फायदा उसे लोकसभा चुनाव में मिल सकता है। यही वजह है कि पार्टी इस यात्रा को बड़े पैमाने पर आयोजित कर रही है और खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी इसमें शिरकत करेंगे।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक जनरक्षा यात्रा मंगलवार को कन्नूर जिले के पायनुरु से शुरू होगी और 17 अक्टूबर को इसका समापन तिरुवनंतपुरम में होगा। गौरतलब है कि कन्नूर जिले में ही हाल के दिनों में सबसे अधिक राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। बीजेपी का आरोप है कि उसका राजनीतिक आधार मजबूत होता देखकर राज्य की सीपीएम के नेतृत्व वाली सरकार ही हिंसा को बढ़ावा दे रही है। जावड़ेकर के मुताबिक सीपीएम सरकार के कार्यकाल में 15 साल में 84 राजनीतिक हत्याएं हुईं और अब पी. विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नूर जिले में ही 14 लोगों की जान जा चुकी है।
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि कन्नूर खुद मुख्यमंत्री का गृह जिला है और हिंसा करने वालों को राज्य सरकार का समर्थन हासिल है। यही वजह है कि बीजेपी जनरक्षा यात्रा की शुरुआत ही मुख्यमंत्री के गृह जिला से करने जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केरल में पिछले चुनाव में उसका वोट प्रतिशत 15 फीसदी तक पहुंच चुका है और अगले चुनाव तक यह 30 फीसदी तक हो जाएगा। इसी वजह से सीपीएम बेहद घबराई हुई है और राजनीतिक स्तर पर मुकाबला करने की बजाय वह राजनीतिक हिंसा का सहारा ले रही है।
बड़े नेता भी करेंगे हिस्सेदारी
बीजेपी जनरक्षा यात्रा के जरिए पूरे केरल में संदेश देना चाहती है। यही वजह है कि खुद अमित शाह इस यात्रा में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यही नहीं, वह यात्रा करने के साथ ही एक रैली भी करेंगे। इसके अलावा पार्टी ने तय किया है कि इस यात्रा में रोजाना केंद्र का कोई मंत्री या मुख्यमंत्री इस यात्रा में हिस्सा लेगा। फिलहाल जिन मंत्रियों का इस यात्रा में जाना तय है, उनमें प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी, धर्मेन्द्र प्रधान, के.जे. अल्फोंस, वी. के. सिंह आदि के नाम शामिल हैं। यह यात्रा 17 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम में समाप्त होगी, जहां दो माह पहले ही बीजेपी के एक युवा कार्यकर्ता की सरेआम घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी।

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