कागजों में ही बनकर रह गए जमीन पर बनने वाले शौचालय

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के नगर पालिक निगम में एक करोड़ रुपए के शौचालय जमीन पर नहीं बल्कि कागजों में बना कर उसकी राशि निकाल ली गई है। मामले का पर्दाफाश होते ही अब निगम के अधिकारी इसकी जांच की बात कह रहे हैं। वहीं जिन घरों में शौचालय बना है, वे राशि के लिए भटक रहे हैं। सूचना के अधिकार के तहत शौचालय निर्माण में गड़बड़ी का एक बड़ा खुलासा सामने आया है। ठेकेदार संजय अग्रवाल ने कागजों में शौचालय बनाकर सरकारी राशि में गड़बड़ी की है।

ये है पूरा मामला : रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 35, 36 में शौचालय बनाने के नाम पर निगम से बकायदा एक करोड़ की राशि आहरित कर ली गई और ठेकेदार संजय अग्रवाल ने इस राशि को निकालने के बाद निगम को एक सूची सौंप दी। सूची में संजय ने सौ शौचालय बनाने की जानकारी दी है। मजे की बात यह है कि इन दोनों वार्डों में जो घरों के भीतर या बाहर शौचालय बना है, वे संबंधित घर के मालिकों की ओर से अपने रुपए से बनाया गया है। जबकि ठेकेदार ने इन्हीं शौचालयों के नाम से राशि निकाल भी ली है। पीडि़त बताते हैं कि, खुद के रुपए से बनाए गए शौचालयों की रकम नगर निगम से नहीं मिली है। यह तो साफ इशारा है कि, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं और जांच के नाम पर महज लीपापोती का दौर जारी है।

नहीं बनाया शौचालय : आरटीआई कार्यकर्ता नवरत्न शर्मा ने कहा कि, शौचालय बनाने के नाम पर ठेकेदार संजय सिंह का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता बताते हैं कि, जूटमिल क्षेत्र के दो वार्डों में ही करीब सौ शौचालय बनाने के नाम पर राशि निकाल ली गई, जो शौचालय ठेकेदार ने बनाया ही नहीं।

नहीं हो सकी रिपोर्ट दर्ज : वार्ड नंबर 31 में निवासरत आरती शर्मा पति ओमप्रकाश शर्मा तो बकायदा शौचालय चोरी होने का एक आवेदन बना कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जूटमिल चौकी पहुंची थी। आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया कि जब रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, तब पुलिसकर्मियों ने यह कह कर वापस लौटा दिया कि, सभी हितग्राही कलेक्टर के पास एक ओवदन दें और वहां से आदेश होने के बाद 420 का अपराध कायम किया जाएगा।

ये कहते हैं हितग्राही : वार्डवासी सुनीता सिंह ने कहा कि, शौचालय घर में बनाया गया है। विगत एक वर्ष से अपूर्ण है। इसकी जानकारी मैंने मौखिक रूप से वार्ड पार्षद और संबंधित ठेकेदार को दी है। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
वहीं वार्डवासी आरती शर्मा ने कहा कि, तब तो मेरे घर से शौचालय चोरी हो गया। दरअसल मेरे घर में शौचालय बना ही नहीं। जबकि बाकि का निर्माण शो कर इसका बिल भुगतान भी ठेकेदार ने नगर निगम से करवा लिया।

महापौर और निगम अधिकारी ने तोड़ा चुप्पी : महापौर रायगढ़ मधुबाई ने कहा कि, अगर इस बात का खुलासा हुआ है कि शौचालय कागजों में बना है और सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है, तो इस मामले में ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विनोद कुमार पाण्डेय,नगर पालिक निगम,रायगढ़ ने कहा कि, जूटमिल क्षेत्र में वार्ड नंबर 35, 36 में बनाए गए शौचालयोंं की राशि निकालने के नाम पर गड़बड़ी हुई है। जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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