राष्ट्रीय

टॉप 150 जासूस दिल्ली में साइबर क्राइम पर रखेंगे पैनी नजर

गुरुवार से 150 जासूस से दिल्ली में भ्रष्टाचार और साइबर अपराधों से जुड़े खतरों से निपटने पर मंथन करेंगे.कौशल विकास मंत्रालय के तहत संचालित सुरक्षा क्षेत्र की कौशल विकास परिषद के प्रमुख कुंवर विक्रम सिंह ने बुधवार को बताया कि तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में पेशेवर जासूस वैश्विक स्तर पर संपूर्ण सुरक्षा परिदृश्य के लिए उत्पन्न चुनौतियों और इनके समाधान पर चर्चा करेंगे.

कुंवर विक्रम सिंह ने क्या कहा?

उन्होंने बताया कि भारत में नकली मुद्रा के प्रचलन, हवाला कारोबार,काले धन की समस्या, बैंक और साइबर अपराधों की बढ़ती समस्या के मद्देनजर डब्ल्यूएडी की 92वीं सालाना बैठक भारत में आयोजित करने की पहल की गई है.
कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि सेना की ऑर्डनेन्स इकाई के पूर्व महानिदेशक लेफ्टीनेंट जनरल (सेवानिवृत) राजेंद्र सिंह संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने बताया कि भारत सहित अन्य विकासशील देशों में बैंकिंग एवं साइबर अपराधों और सरकारी एवं गैर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार से निपटने में जासूसों की अहम भूमिका को देखते हुए इनकी सेवाएं लेने के तरीकों पर भी
संगोष्ठी में विचार किया जाएगा.

नौतियों से निपटने के लिए तैयार करेंगै रोडमेप
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय पेशेवर जासूस आतंकवाद, मानव तस्करी, नागरिक सुरक्षा, पुलिस तंत्र की सजगता, रक्षा, जांच और फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में उत्पन्न चुनौतियों से निपटने का रोडमेप तैयार कर सरकार के समक्ष इसका मसौदा पेश करेंगे.

संगोष्ठी में साइबर सुरक्षा, भ्रष्टाचार निरोधक गठजोड़, सुरक्षा परिदृश्य को खतरा और इंटरपोल की भूमिका, भारत में कारोबार, अवसर और चुनौतियां सहित अन्य अहम मुद्दों पर वैश्विक पेशेवर जासूस विचार साझा करेंगे.कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि इससे पहले साल 1984 में यह संगोष्ठी दिल्ली में आयोजित हुई थी.

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साइबर क्राइम
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