शहर में यातायात हेल्प लाइन 1095 और वूमेन्स हेल्पलाइन 1091 नहीं हो पायी शुरू

अंकित मिंज

बिलासपुर।

जिले में टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करने में पुलिस के पसीने छूट गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 1095 और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1091 में कॉल करने पर रायपुर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन की घंटी बज रही है। सूचना देने के लिए रायपुर के पुलिस कर्मी बिलासपुर पुलिस कंट्रोल रूप का नंबर लोगों को दे रहे हैं।

वहीं टोल फ्री नंबर के बदलने से पुलिस ने रक्षा टीम का मोबाइल नंबर देना शुरू कर दिया है।जिले में हेल्पलाइन नंबरों के नाम पर पुलिस के पास सिर्फ डॉयल 112 है। केन्द्र सरकार ने ट्रैफिक हेल्पलाइन के लिए करीब 5 वर्ष पूर्व 1091 शुरू किया था। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए जिले में बनाए गए आईयूसीएडब्ल्यू सेल (इनवेस्टिगेशन यूनिट क्राइम अगेंस वूमेन) प्रत्येक जिलों में गठन का आदेश दिया है। इस यूनिट में एएसपी वर्ग के अधिकारियों की नियुक्त के निर्देश दिए गए थे।

डॉयल 1091 में मिलने वाली शिकायतों और थानों में दर्ज होने वाले महिलाओं से संबंधित अपराधों की जांच आईयूसीएब्ल्यू सेल के महिला अधिकारियों द्वारा किए जाने के निर्देश दिए गए थे। जिले में डॉयल 1091 का न ही प्रचार प्रसार हुआ और न ही पुलिस इस टोल फ्री नंबर को शुरू कर पाई।

वहीं आला अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए रक्षा टीम का गठन कर दिया। रक्षा टीम को आईयूसीएब्डल्यू सेल के साथ जोड़कर अधिकारियों ने नया मोबाइल नंबर 9399027091 का प्रचार प्रसार कर दिया। महिला सुरक्षा के नाम पर टोल फ्री नंबर की जगह मोबाइल नंबर के प्रचार प्रसार पर पुलिस कर्मियों ने अधिक ध्यान दिया।

नियुक्ति सेल में और काम दूसरी शाखा में

पीएचक्यू ने आईयूसीएडब्ल्यू सेल में डीएसपी पीसी रॉय, डीएसपी रमाकांत शर्मा की पदस्थापना की थी। सेल में कुछ दिनों तक दोनों अधिकारियों ने काम किया। फिर अधिकारियों ने पीसी रॉय को आईयूसीएडब्ल्यू सेल से हटाकर क्राइम ब्रांच का प्रभार दे दिया। वहीं डीएसपी रमाकांत शर्मा को प्रभारी आरआई का काम दिया गया और बाद में ट्रैफिक थाने में अटैच कर दिया गया। वर्तमान में एसएसपी साबित लाल चौहान समेत दो महिला आरक्षक और दो पुरूष आरक्षक सेल में काम कर रहे हैं।

नहीं होती आईयूसीएडब्ल्यू सेल में जांच

आईयूसीएडब्ल्यू सेल के गठन के बाद महिला विवेचकों को सेल में पदस्थ किया गया था। महिला संबंधी अपराधों की जांच महिला विवेचकों द्वारा की जाती थी। 6 महीनों के बाद सेल में पदस्थ महिला विवेचकों को हटाकर थानों में पदस्थ कर दिया गया। वर्तमान में पुरूष अधिकारी और कर्मचारी ही सेल में काम कर रहे हैं।

ट्रैफिक हेल्पलाइन का हुआ जमकर प्रचार प्रसार, लेकिन नंबर डॉयल करने पर नहीं मिलती मदद, परेशान होते हैं शहरवासी: ट्रैफिक हेल्पलाइन 1095 के लिए जिले के अधिकारियों ने बसों, सवारी ऑटो और टैक्सियों में के पीछे नंबर लिखवा कर जमकर प्रचार प्रसार किया। शहर के सभी सवारी वाहनों के पीछे डॉयल 1095 लिखा गया है। इतना ही नहीं सिटी बसें शहर में शुरू हुई थी। रायपुर से सिटी बसें जब शहर पहुंची थी तब सभी बसों में ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 1095 लिखा था। शहर में जाम की स्थिति होने पर लोग 1095 डॉयल करते हैं, लेकिन नंबर रायपुर पुलिस कंट्रोल रूम में लगता है।

हेल्पलाइन नंबर शुरू होने का दिया गया था आश्वासन

अधिवक्ता व समाज सेवी शोभा कश्यप के बताया कि उनकी संस्था नव पल्लव महिला सेवा समिति ने पूर्व में महिलाओं के अधिकार और उनकी सुरक्षा के संबंध में काम करती थी। उस समय संस्था ने महिला हेल्परलाइन नंबर 1091 को शुरू करने के लिए पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया था।

अधिकारियों ने उन्हें नंबर जल्द शुरू होने का आश्वासन दिया था। वर्तमान में नंबर चालू किन कारणों से नहीं हो पा रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। संस्था महिलाओं से संबंधित मामलों को उज्ज्वला होम्स के जरिए अधिकारियों को अवगत कराती है ताकि उन्हें सुविधा मिल सके।

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