छत्तीसगढ़

दंतैलों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएंगे प्रशिक्षित हाथी युधिष्ठिर और परसुराम

रायपुर : जंगली हाथियों के कहर से अब प्रदेश के लोगों को युधिष्ठिर और परसुराम बचाएंगे । गुरुवार को ये जानकारी प्रधान वन संरक्षक वन्य जीव आरके सिंह ने दी । उन्होंने कहा कि तीन महीने से कर्नाटक के कोर्ग जिला स्थित कुशालनगर दुबारे एलीफेंट कैंप में परशुराम और युधिष्ठिर नामक हाथी प्रशिक्षण ले रहे हैं । यही दोनों गजराज छत्तीसगढ़ में उपद्रव मचाने वाले हाथियों को नियंत्रित करेंगे। 13 से 35 वर्ष आयु वाले ये हाथी महावत के इशारों पर उठने -बैठने से लेकर घेराबंदी कर पकडऩे और खदेडऩे का काम भी करते है। उन्हें दिए जाने वाले बंगाली और बर्मा भाषा में कमांड सीखने के लिए 12 वनकर्मियों की टीम को भेजा गया है। वहां हाथियों की दिनचर्या से लेकर उनके स्वभाव और खानपान की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी निगरानी में हाथियों को सड़क मार्ग से लाया जाएगा।

क्या होगा इनके काम का तरीका ;
प्रशिक्षित कुमकी हाथियों की गैंग के युधिष्ठिर(35) को सबसे अधिक उम्र का होने से उसे मुखिया माना जाता है वह उपद्रव करने वाले हाथियों को सबक सिखाने के साथ उन्हें बंदी बनाकर ट्रक में खींचकर चढ़ाने में सक्षम है। टीम में युवा हथिनी गंगा और युग लक्ष्मी भी शामिल हैं । इस संबंध में प्रधान वन संरक्षक वन्य जीव आरके सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लाए जाने वाले 6 हाथियों का चयन कर लिया गया है, उनके साथ 12 वनकर्मी हाथियों को दिए जाने वाले कमांड के साथ खान पान और व्यवहार का प्रशिक्षण ले रहे है।

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