छत्तीसगढ़

छत पर शोभायमान फसलों की उन्नत खेती पर प्रशिक्षण संपन्न

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशालय विस्तार सेवायें, पुष्प विज्ञान एवं भूदृश्य विभाग तथा जय हरितिमा महिला समिति, कृषक नगर, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय छत पर शोभायमान फसलों की उन्नत खेती विषय पर प्रशिक्षण 23 जुलाई को दिया गया। विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील थेे।

इस अवसर पर एम्स, रायपुर के डायरेक्टर की धर्मपत्नी डॉ. श्रीमती अनु नागरकर ईएनटी विशेषज्ञ एम्स, रायपुर, जय हरितिमा महिला समिति की अध्यक्षा इंजिनियर श्रीमती सपना पाटील, डॉ. एम.पी. ठाकुर निदेशक विस्तार सेवाएं विशेष रूप से उपस्थित रहें। कार्यक्रम में जय हरितिमा महिला समिति के सभी सदस्यां हरे परिधान में उपस्थित थी एवं इस प्राकर उन्होने सावन माह एवं हरेली त्योहार आ आनंद बोनसाई कला के ज्ञान अभिवर्धन के रूप में लिया।

डॉ. एस.के. पाटील ने कहा कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार हरेली के अवसर पर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भी हरयाली एवं प्रकृति से जुड़ा हुआ है। मनुष्य के विकास के लए भोजन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की उत्तम व्यवस्था अत्यंत आवस्यक है इन तीनों का समावेश इस प्रशिक्षण में परिलक्षित हो रहा है। आज के युग में लोग पून: प्रकृति की ओर वापस लौट रहें हैं, यह एक शुभ संकेत है। इसका एक उदाहरण नाना पाटेकर जैसे सफल व्यक्ति भी सब्जी बेचने का व्यवसाय प्रारंभ किये हैं। प्रकृति पूरे इकोसिस्टम की देख भाल करती है।

आज यहां प्राप्त यह जानकारी कि बोनसाई का शुरूवात भारत में हुआ था यह एक शोध का विषय है इस दिशा में हमारे विश्वविद्यालय के पुष्प विज्ञान एवं भूदृश्य विभाग के वैज्ञानिक अनुसंधान एवं खोज करें ताकि इसकी प्रमाणिकता को सिापित किया जा सके ताकि विश्व में हमारे देश का नाम मे एक और नया कीर्तिमान जुड सके।

उन्होनें वैज्ञानिकों को निर्देश दिया कि इस दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए कि बोनसाई बनाने हेतु जो रा प्लान्ट मेटेरियल अन्य राज्यों से ज्यादा कीमत में लाना पड़ता है, यदि हमारे राज्य के कृषक इसकी खेती करें तो उन्हे आय का नया श्रोत प्राप्त हो सकेगा। आरंभ में विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण पुष्प वैज्ञानिकों को स्वयं के व्यवसाय हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अतिथियों को बोनसाई एशोसिएशन द्वारा बोनसाई प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. (श्रीमती) शचि जौहरी ने बोनसाई के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बोनसाई तकनीक का शुरूआत भारत के ऋषि मुनियों द्वारा अपने आश्रम में अनेको उपयोगी औषधीय पौधों को कम स्थान में ज्यादा संख्या में अनेक वर्षों तक संरक्षित करते हुए उसका उपयोग हेतु किया था। उस समय बोनसाई कला को वामन तनु वृक्षादि विद्या के नाम से जाना जाता था। भारत से यह तकनीक चीन तत्पश्चात जापान में पहुंचा। आज वर्तमान में पुन: यह तकनीक भारत में लोकप्रिय होते जा रही है। बोनसाई को पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, तकनीकी, उद्यानिकी और कृषि विज्ञान का सुन्दर समिश्रण है। बोनसाई के बढ़ते मांग के फलस्वरूप इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की संख्या एवं कार्य कुशलात में भी वृद्धि हुयी है। बोनसाई हमें प्रकृति को एकदम निकट से महशूस करने का अवसर प्रदान करता है इससे हमें मानसिक शांति मिलता है। उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थियों ने काफी लगन रूचि के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोनसाई कला विशेषज्ञों के छत्तीसगढ़ बोनसाई एसोसिएशन, रायपुर के अध्यक्ष डॉ. शचि जौहरी, सचिव अनिल वर्मा, सदस्यगण श्रीमती नीना रत्नम, श्रीमती रूचि वर्मा, श्रीमती डॉली दवे, श्रीमती सरिता गुप्ता एवं श्रीमती विनीति तिवारी द्वारा बोनसाई बनाने की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी दिया गया। जय हरितिमा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती सपना पाटील ने बताया ेकि सावन माह के विशेष अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समिति के सदस्यों को हरियाली के प्रति जागरूक करने एवं शहरों में उपलब्ध कम स्थान का उपयोग उत्कृष्ठ बागवानी की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें अपने घर के छत का सदुपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर आलोक अग्रवाल विभागाध्यक्ष हड्डी रोग विभाग, एम्स, डॉ. मंजू अग्रवाल मेडिकल कॉलेज, रायपुर, डॉ. कैशर सलीम, सलीम नर्सिंग होम, डॉ. निरजा अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ, छत्तीसगढ़ अस्पताल मोआ, डॉ. आई. नेगेश्वर राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी महासमुंद, ेइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के पुष्प विज्ञान एवं भूदृश्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शार्मा, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. के.के. साहू, डॉ. के.के. श्रीवास्तव, डॉ. के.एल. नंदेहा, श्री टी. तिर्की, जय हरितिमा महिला समिति की सचिव श्रीमती निशा ठाकुर एवं अन्य सदस्यगण एवं अन्य आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीमती दिप्ती झा एवं धन्यवाद प्रस्ताव जय हरितिमा महिला समिति की कोशाध्यक्षा डॉ. श्रीमती ज्योती शर्मा ने किया।

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