छत्तीसगढ़

क्षणिक है संसार का सुख : साध्वी रत्ननिधि

रायपुर : श्री ऋषभदेव जैन श्वेताम्बर मंदिर सदरबाजार में जारी चातुर्मासिक प्रवचन के अंतर्गत साध्वी रत्ननिधिश्री म.सा ने कहा कि संसार का सुख ही सबसे बड़ा बंधन है। इस संसार में रहते हुए यदि सुख-साधनों का अंबार भी है तो भी जीवन में शांति नहीं है। संसारी व्यक्ति के सुख को छीनने वाला उसका मिथ्यात्व ही है। जो जैसा है उसे वैसा ही न मानना मिथ्यात्व है। संसार का सुख क्षणिक है। कुछ समय के सुख के पश्चात् उसके परिणाम में दुख ही दुख है, ऐसा न मानना ही मिथ्यात्व है। एक झोपड़ी में रहने वाले वाले व्यक्ति को आपने उतना दुखी नहीं देखा होगा, जितना की महलों में रहने वाले आदमी को। इस मनुष्य जीवन और परमात्मा के शासन में हम आए हैं तो एकमात्र पाने जैसी चीज केवल और केवल सम्यकत्व ही है। सम्यकत्व यानि- जो जैसा है उसे वैसा ही मानना और जानना तथा वैसा ही स्वीकार करना। जिसे सम्यक दृष्टि प्राप्त हो जाती है, उसे धन-सम्पदा, सुख, परिवार आदि सबके वास्तविक स्वभाव से परिचय हो जाता है, यह सब कुछ मिलने पर भी वह न तो सुखी होता है और न ही दुखी। वह जीवन की वास्तविकता को समझता है। वास्तव में परमात्मा तक पहुंचने के मार्ग में सबसे बड़ा बाधक यदि कोई है तो वह है मिथ्यात्व।
साध्वी ने कहा कि सम्यक दृष्टि जब हमारे पास होगी तो संसार में जीवनयापन करते हुए भी हमारा दृष्टिकोण बदल जाएगा। आंख वहीं होगी पर हम देखेंगे समता-शालीनतापूर्वक, मुंह व जीभ वही होगी पर हम खाएंगे विवेकपूर्वक, पैर वही होंगे पर हम चलेंगे जयनापूर्वक। मस्तिष्क वही होगा पर हमारी बुद्धि आत्म और पर-कल्याण की दिशा में ही चिंतन करेगी। सम्यकत्व की प्राप्ति के लिए हमें सर्वप्रथम सामायिक की साधना करनी होगी। श्रावक या गृहस्थ अपने संसारी जीवन में सर्व विरती धर्म का पालन नहीं कर सकता लेकिन सामायिक के माध्यम से 48 मिनट के लिए तो वह सम भावों में रह ही सकता है। संसार के सुख की जितनी भी अनुभूतियां हैं वह केवल मोहनीय कर्म की वजह से ही हैं। वास्तविक सुख वह है जिसके परिणाम में दुख न हो और जिसकी कोई सीमा न हो।

तपस्विनी प्रीति बोथरा का बहुमान
ऋषभदेव जैन मंदिर ट्स्र्टी मोतीलाल झाबक ने बताया कि, चातुर्मासिक आराधना के क्रम में श्रद्धालुओं की ओर से चतुर्गति निवारण, पंच परमेष्ठी श्रेणी तप और अनेक छोटी-बड़ी तपस्याओं का क्रम जारी है। शनिवार को धर्मसभा में 9 उपवास की तपस्विनी प्रीति बोथरा का श्रीसंघ की ओर से बहुमान किया गया।

31 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा जाप का समापन 6 को
प.पू. साध्वी श्री रत्ननिधिश्री, साध्वी श्री सिद्धांतनिधिश्री व साध्वी सिद्धोदयाश्रीजी की निश्रा में 31 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा जाप का समापन समारोह रविवार 6 अगस्त को सुबह 8.45 से 9.30 बजे तक व्याख्यान के पश्चात् किया गया है। श्री ऋषभदेव मंदिर ट्स्र्ट, श्री जैन श्वेताम्बर चातुर्मास समिति और गुरुभक्त मंडल इकतीसा समिति के संयुक्त तत्वावधान में इस पावन प्रसंग पर सभा के दौरान भाग्यशाली श्रद्धालु परिवारों को दादा गुरुदेव की भव्य प्रतिमाजी और चांदी का कलश घर ले जाने का पुण्य अवसर भी प्राप्त होगा। जिसे भाग्यशाली परिवार पूनम को पूजा और रात्रि भक्ति के बाद 7 अगस्त के बाद ले जा सकेंगे। 6 अगस्त को इकतीसा जाप रात्रि 8.30 से 9.30 बजे किया जाएगा, इस समापन अवसर पर जाप करने वाले श्रद्धालुओं में से 6 बम्पर र्ड निकाले जाएंगे। जिसमें प्रथम पुरस्कार 6 ग्राम सोनी की चैन होगी, जिसके लाभार्थी हैं कांतीलाल विजय कुमार बुरड़, द्वितीय पुरस्कार 5 ग्राम सोने का दादा गुरुदेव का आकर्षक लॉकेट रखा गया है, जिसके लाभार्थी हैं- लोढ़ा परिवार। तृतीय पुरस्कार 3 ग्राम सोने का दादा गुरुदेव का लॉकेट, जिसके लाभार्थी हैं- भंवरलाल गौतमचंद राजमल संकलेचा। चतुर्थ पुरस्कार 2 ग्राम सोने का गुरुदेव का लॉकेट, जिसके लाभार्थी गुप्त हैं। पंचम पुरस्कार 2 ग्राम सोने का गुरुदेव का लॉकेट, लाभार्थी हैं- खेमराज कमलेश कुमार रचित चोपड़ा, कांकेर-रायपुर। छठवां पुरस्कार 2 ग्राम सोने का गुरुदेव का लॉकेट, लाभार्थी हैं- तिलोकचंद ललित कुमार भंसाली परिवार तथा सातवां पुरस्कार 1.5 ग्राम दादा गुरुदेव का लॉकेट प्रदान किया जाएगा, जिसके लाभार्थी हैं- हरीशचंद मनीष कुमार डागा परिवार।
अगले दिन 7 अगस्त को प्रात:काल पूनम पर विशेष प्रवचन सुबह 8.45 से 9.30 तक और सुबह 9.30 बजे से दादा गुरुदेव की पूजा पढ़ाई जाएगी। प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को कूपन दिए जाएंगे, जिनमें से पूजन के पश्चात् ड्रा निकाले जाएंगे, जिसमें 2 ग्राम सोने के गुरुदेव का लॉकेट रहेगा। इसके लाभार्थी हैं- सम्पतलाल नरेश बुरड़ और गुरुभक्तजन। दोपहर पूजा के बाद 12 बजे से स्वामी वात्सल्य रहेगा। रात 8 बजे से भक्ति रखी गई है, जिसमें मणिधारी भक्ती मंडल-धमतरी द्वारा संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। भक्ति के दौरान भी श्रद्धालुओं को कूपन दिए जाएंगे, जिसके 2 ड्रा निकाले जाएंगे, उसमें 2 ग्राम सोने के गुरुदेव का लॉकेट रहेंगे। इस लक्की ड्रा के लाभार्थी हैं- गुरुभक्तों द्वारा, सूरजदेवी सोनराज कोचर चैरीटेबल ट्स्र्ट, ज्वेलर्स सोनिया संस, सदरबाजार रायपुर।

विचक्षण जैन विद्यापीठ के उद्देश्यों पर विशेष सभा 30 को
कैवल्यधाम तीर्थ कुम्हारी में आगामी शिक्षण सत्र अप्रैल 2018 से प्रारंभ हो रहे श्री विचक्षण जैन विद्यापीठ के उद्देश्यों, विद्यापीठ की व्यवस्थाओं और शिक्षण संबंधी विवरण की जानकारी पर केंद्रित एक विशेष सभा का 30 जुलाई को श्री ऋषभदेव जैन मंदिर सदरबाजार में सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक होगी। कार्यक्रम प्रभारी हैं अमित मूणोत व सपना लुंकड़।

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