मकर राशि में शनि का गोचर 2020 – कैसा रहेगा आपके लिए

-ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री 8178677715, 9811598848

शनि को कर्माधिपति की उपाधि दी गयी है और जीवन के कर्मों का विचार दशम भाव से किया जाता है. शनि व्यक्ति को उसके कर्मों का फल देते है, शनि अपने दायित्वों का पालन कर सॄष्टि में संतुलन बनाए रखते है. व्यक्ति को उसके शुभ अशुभ कार्यों का फल देने के कारण इन्हें व्यायकारक का स्थान दिया गया है.

शुभ कर्म करने वाले व्यक्ति के लिए शनि रक्षक और अशुभ व पाप कर्म करने वाले व्यक्ति के लिए भक्षक का कार्य करता है. शनि सेवा, अध्यात्म, कानून और राजनीति में उच्चतम सफलता देने वाले ग्रह माने गए है.

शनि 24 जनवरी 2020 को स्वराशि मकर में प्रवेश करने वाले हैं। शनि के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही नवम्बर 2011 से चली आ रही शनि की साढ़ेसाती से वृश्चिक राशि वालों को राहत मिलेगी और कुम्भ राशि पर शनि साढ़ेसाती का प्रभाव शुरु हो जाएगा.

कुम्भ राशि शनि की राशि है और साढ़ेसाती का इनके लिए प्रथम चरण होने के कारण शुभ रहेगा. धनु राशि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरु होगा. मकर राशि के लिए साढ़ेसाती के द्वितीय चरण की शुरुआत होगी.

इसी प्रकार वृषभ राशि और कन्या राशि के जातकों पर 2017 से चल रही शनि ढ़ैय्या का प्रभाव भी अब समाप्त हो जाएगा एवं मिथुन राशि व तुला राशि की शनि ढ़ैय्या प्रभावी हो जाएगा। इस प्रकार कुछ के लिए शनि का राशि परिवर्तन तनाव, दबाव और परेशानियों में कमी करेगा तो कुछ के लिए यह करियर में सफलता की ऊंचाईयां हासिल करने वाला भी रहेगा। 28 अप्रैल 2022 तक शनि मकर राशि में ही रहेंगे तब तक शनि का गोचर आपके लिए किस प्रकार का रहने वाला है। आईये जानें-

मेष राशि

शनि दशम भाव में स्थित हो शुभफल दायक रहेंगे। नौकरी की प्राप्ति हो सकती हैं। सरकारी विभाग में सेवा के अवसर मिल सकते हैं। धन-धान्य में बढ़ोतरी होगीं। कई क्षत्रों में योग्यता प्राप्त हो सकती हैं। यह अवधि आपको चतुर और बुद्धिमानी के साथ आजीविका कार्य करने का संकेदे रही हैं। आप अपनी मेहनत और साहस में विश्वास बनाए रख। इस अवधि की शुभता में वृद्धि कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित परेशानियों को शयन कक्ष में ले जाना उचित नहीं होगा। इसके अतिरिक्त आप इस समय में व्यासायिक कार्यों से विदेश यात्राएं कर सकते हैं।

विदेश से लाभ प्राप्ति के योग बन रहे है। इस अवधि में प्राप्त होने वाली सफलता का श्रेय आपकी मेहनत और आपकी कर्तव्यनिष्ठा को जाता हैं। आप पराक्रम से अपनी सफलता की नींव रखेंगे। आपको अपनी आजीविका का सुख मंद गति से प्राप्त होगा अर्थात कार्यक्षेत्र में आपकी प्रगति धीरे धीरे होगीं। आप न्याय न्याय कार्यों को कुशलता के साथ करेंगे। आपको उच्च पद की प्राप्ति होगीं।

वृषभ राशि

शनि नवम भाव में आपको धर्म से जोड़ेगा। धर्म कर्म गतिविधियों में आपकी व्यस्तता बनाए रखेगा। इस समय विशेष में न्याय करने की प्रवृति प्रभावी हो सकती हैं। आजीविका क्षेत्र में भी दूसरों को न्याय दिलाने का आप प्रयास करेंगे। अदालत से जुड़े कार्यों में इस अवधि में आपको सफलता प्राप्त होगीं। आगे बढ़कर दूसरों के सहायक बनेंगे। मित्रों के सहयोग से लाभ क्षेत्र का विस्तार होगा। साथ ही यात्राओं और मिडिया क्षेत्रों से उतम आय प्राप्ति के योग बन सकते हैं। मित्रों के प्रिय बन, उनसे अपने संबंधों में सुधार करेंगे।

आपको घर से बाहर रहना पड़ सकता हैं। पराक्रम से कार्यो में सफलता प्राप्त करना सहज होगा। शनि की यह स्थिति आपको अनेक कार्यों में पारंगत कर सकती हैं। शनि की शुभता भाग्य, आय में सुधार करेगा तथा आप साहस से अपने शत्रुओं को शांत रखने का कार्य कर पाएंगे। बड़े भाई बहनों से वैमनस्य उत्पन्न हो सकता है। और छोटे भाई बहनों के सुख में भी कमी संभावित है। व्यवसायिक योजनाओं को पूरा करने के लिए आपको इस अवधि में ऋण लेने से बचना चाहिए। तथा अधिक मात्रा में धन क़ा विनियोजन करने से पहले घर के बड़ों से विचार विमर्श कर लेना लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

आठवें भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि ढैय्या का ढाई वर्ष आपके लिए कष्टकारी हो सकता है। इस अवधि में आवेश में आने से बचे, आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। तथा आपके धन-संचय में कमी हो सकती है। विशेष प्रयास करने पर स्थिति में सुधार किया जा सकेगा। समय के अशुभ होने के कारण इस समय में आपके परिवार से सम्बन्ध ख़राब हो सकते है। कुटुंब से अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।

कार्यक्षेत्र में परिवर्तन करना पड़ सकता है। अपने कार्य में नियमतता बनाए रखने के लिए आपको अपने मनोबल में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। साथ ही सकारात्मक बने रहे व् आत्म विश्वास को बनाए रखें। यह कार्यक्षेत्र में आपकी सफलता को बढ़ाएगा। नौकरी में नियमतता के लिए आप को अपने मनोबल में वृद्धि करनी पड़ सकती है। साथ ही इस समय में आप आत्मविश्वास बनाए रखें। सन्तान के स्वास्थ्य में कम हो सकती है। प्रेम प्रसंगों से स्वयं को दूर रखने का प्रयास करें। यह आपके मानसिक कष्ट बढ़ा सकता है। शनि की स्थिति इस समय आपकी जन्मराशी से अष्टम में होने के कारण अप्रत्याशित घटनाएं आपको हैरान कर सकती है, कार्यक्षेत्र में चोरी, हानि व् दुर्घटनाये भी हो सकती है।

कर्क राशि

शनि इस अवधि में आपके सातवें भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि गोचर की यह अवधि आपके अनुकूल रहेगीं। शनि गोचर काल में आपको अच्छे मित्रों का साथ प्राप्त होगा। बड़ों के मार्गदर्शन से जीवन की बाधाओं का निवारण होगा। धर्म-कर्म में आपकी आस्था पहले से अधिक बढ़ेगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगीं, तथा पारिवारिक सुख-शान्ति बनी रहेगीं। शनि काल में विदेश स्थानों पर आपका नाम होगा, आप विदेशी संपर्कों का प्रयोग कर अपने व्यवसाय का विस्तार करने का कार्य कर सकते हैं।

व्यवसायिक क्षेत्रों में आपको अपने सेवकों का सुख मिलेगा तथा वे आपके विश्वास पात्र रहेंगे। मातर सुख प्राप्ति की संभावनाएं इस अवधि में बढ़ जाती हैं। इस अवधि में आप स्वयं का कार्य शुरू कर सकते हैं। साझेदारी अथवा एकल व्यवसाय के लिए भी समय की शुभता बनी हुई हैं। इस अवधि में व्यवसायिक कार्य आरंभि करने पर उसके दीर्घकाल तक चलने की संभावनाएं बनती हैं। साथ ही यह समय वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर सकता हैं।

सिंह राशि

शनि इस अवधि में आपके छठे भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि गोचर की यह अवधि आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगी। नौकरी और पेशेवर व्यक्तियों के लिए शनि गोचर का यह काल अनुकूल और शुभ रहेगा। इस अवधि में आप एकान्तप्रिय हो सकते हैं। तथा कार्यों को कुशलता से करने की आपकी प्रवृति हो सकती हैं। यात्राओं से भी लाभ प्राप्ति के योग बन रहे हैं।

इस काल में आपके व्ययों में कमी होगी, परिश्रम और साहस से अपनी सब इच्छाओं को पूरा करने का सामर्थ्य रखते हैं। इस काल में भाई बहनों से वैमनस्य बढ़ सकता हैं। छठे भाव से शनि का दृष्टि सम्बन्ध द्वादश भाव से होने के कारण इस समय में आप एकान्तप्रिय हो सकते हैं। विदेश स्थानों पर भ्रमण करने के लिए भी समय की शुभता बनी हुई हैं। इस समय में आजीविका के कार्यों से भी आपको विदेश स्थानों पर जाना सकता हैं।

इस समय में आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना होगा। साथ ही यह समय आपको एक अच्छा वक्ता और तर्ककुशल बना सकता हैं। आपके प्रतिवादी आपसे भय खायेंगे। आप बंधू बांधवों से युक्त, सुख-सहयोग प्राप्त करने वाले होंगे। आपके सहयोग से बन्धु-बांधवों के अनेक कार्य पूर्ण होंगे। नौकरी में अपने अधिनस्थों का पूर्ण सुख प्राप्त होगा तथा उनके द्वारा अनेक कार्य सहजता से पूरे होंगे। इस समय की शुभता को बनाए रखने के लिए आपको अहंकार से बचना चाहिए।

कन्या राशि

शनि इस अवधि में तक आपके पंचम भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि का पंचम भाव पर गोचर आपको शुभफल देगा। शनि गोचर अवधि में विवाह और संतान प्राप्ति के संयोग बन सकते हैं। इस अवधि में आपकी विद्वता से कार्य संपन्न होंगे, बुद्धिमानी और समझदारी से कार्यों के मध्य आने वाली बाधाओं में भी कमी होगीं। इस समय में आप व्यवसायिक शत्रुओं पर विजय हासिल कर, आय-लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इस अवधि में आपका इससे पूर्व कोई प्रेम सम्बन्ध चल रहा हो तो वह विवाह का रूप ले सकता हैं।

समय की शुभता से आप अपने काम से काम रखेंगे। तथा व्यर्थ के वाद-विवाद से स्वयं को दूर रखेंगे। इस समय काल में अपनी व्यवसायिक योग्यता को बढाने के लिए आप ट्रेनिग अथवा प्रशिक्षण ले सकते हैं। इससे भी आपके आय क्षेत्र का विस्तार होगा। इस अवधि की पूर्ण शुभता प्राप्त करने के लिए आप धर्म-कर्म में अपनी आस्था कम न करें। तथा महत्वपूर्ण कार्यों पर जाते समय अपने बड़ों का आशीर्वाद लेना ना भूले। पंचम भाव से शनि दृष्टि सम्बन्ध से आपके धन संचय को बढ़ा रहे हैं। इस ढाई साल में आपको कुटुंब और परिवार का स्नेह-सुख प्राप्त होगा वाणी की शुभता से आपसी रिश्तों में निकटता आएगी। इसके अतिरिक्त यह काल गृहस्थ जीवन के सुखों में वृद्धि करेगा।

तुला राशि

शनि इस अवधि में आपके चतुर्थ भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि की यह स्थिति आपके माता-पिता के स्वास्थ्य में कमी का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य अनियमितता को अनदेखा करना रोगों को बढ़ा सकता है। इसके अतिरिक्त यह अवधि आपके सुखों में कमी कर आपकी मानसिक चिंताओं को बढ़ा सकती है। शत्रुओं की वृद्धि, कार्यों में व्यर्थ की देरी तथा अल्पकाल के लिए समाज में प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। जमीन जायदाद, यश, धन की हानि हो सकती है। और घर सम्बन्धी योजनाएं विलम्ब से शुरू हो अन्य कारणों से बाधित हो सकती है। बेफिक्री से वाहनों का प्रयोग करना इस समय में चोट और दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

शनि ढैय्या अवधि में आपके कार्य भार में बढ़ोतरी होकर आपके दायित्वों का दायरा बढ़ सकता है। भाग-दौड़, तनाव और विवाद की स्थिति से स्थिति और ख़राब हो सकती है। अपने कार्यों को स्वयं पूरा करने का प्रयास करे। अन्य पर कार्यों को छोड़ने से कार्य लम्बी अवधि के लिए विलंबित हो सकते है। और आपको अधिकारियों की नाराजगी का पात्र बनना पड़ सकता है। शनि गोचर की यह ढैय्या आपके स्वास्थ्य में कमी कर सकती है। इस अवधि में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। लम्बी अवधि के रोग और स्वभाव् में विनम्रता की कमी आपको इस अवधि में हो सकती है।

वृश्चिक राशि

शनि इस अवधि में आपके तृतीय भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि देव की यह स्थिति आपके पराक्रम भाव में बढ़ोतरी कर आपके लिए शुभ फलदायक रहेगीं। इस अवधि में व्यवसायिक यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन अथवा स्थानांतरण के प्रयास सफल रहेंगे। इस अवधि में व्यवसायिक यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन अथवा स्थानांतरण के प्रयास सफल रहेंगे। इस समय में आप सरलता से अपने व्यवसाय में बदलाव कर सकते हैं। ढाई साल की अवधि में विदेश यात्राओं के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। शनि गोचर का यह काल प्रशिक्षण, अपनी योग्यता के विस्तार के पक्ष से भी शुभ और अनुकूल रहेगा। छोटे भाइयों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। तथा रूचि और मनोवांछित कार्य करने के अवसर मिलेंगे।

यह समय विशेष रूप से आपको विदेश स्थानों से लाभ दिलाकर आपकी ख्याति में बढ़ोतरी कर सकता हैं। इस समय में पराक्रम और भाग्य दोनों के सहयोग से आपके रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं। कार्यों में प्रयासों को बनाए रखने से समय की शुभता में वृद्धि की जा सकती हैं। शनि का यह गोचर आजीविका और कार्यक्षेत्र में आपको आगे रखेगा, परन्तु कार्यभार का दबाव इस अवधि में आप पर बना रहेगा। शनि का दृष्टि सम्बन्ध आपके द्वादश भाव से बन रहा है, ऐसे में शयन सम्बन्धी सुख में कमी हो सकती हैं। दाम्पत्य जीवन तनाव में आ सकता हैं। और जीवन साथी की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता हैं।

धनु राशि

शनि इस अवधि में आपके द्वितीय भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि गोचर की इस अवधि में आपके रुके हुए कार्य आगे बढ़ेंगे, यह अवधि शुभता लिए हुए हैं। इसलिए इस अवधि में प्राप्त होने वाले फल भी आपके लिए शुभ रहेंगे। इन ढाई सालों में आपके धन संचय में वृद्धि होगीं। परिवार में भी बढ़ोतरी हो सकती हैं। इस भाव में शनि आपि आयु को बढाते हैं, और दीर्घकालीन रोगों में कमी करते हैं। शनि की यह आपको पैतृक संपति प्राप्ति के योग बना सकते हैं। शनि गोचर में भूमि, भवन से सम्बंधित योजनायें आगे बढेंगी। तथा संपति से जुड़े मामले भी सुलझ सकते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति पहले से अच्छी होगीं। सट्टा-लाटरी से आय और अप्रत्याशित लाभ प्राप्त हो साकते हैं। जीवन स्तर पहले से बेहतर करने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

आय और उन्नति के पक्ष से समय आपके साथ होगा। फिर भी सभी शुभ फल प्राप्त करने के लिए आप इस समय में सत्यवादी, निष्ठावान और ईमानदार बने रहें। अन्यथा शुभता में कमी हो सकती है। कार्यों में सफलता प्राप्त होगीं। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगीं। समाज में आपको मान सम्मान प्राप्त होगा। समयावधि में अप्रत्याशित लाभ प्राप्त हो सकते हैं। भूमि भवन लेने के योग बन सकते हैं। रुकी हुई पदोन्नति आपको प्राप्त हो सकती हैं। साथ ही इस समय में आपके द्व्दारा किये गए कार्यों की सराहना हो सकती हैं। इस समयावधि में आपके कार्यक्षेत्र में कुछ विशेष उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। यह समय सुख-शान्ति देने वाला है आपको इससे लाभ उठाना चाहिए।

मकर राशि

शनि इस अवधि में आपके लग्न भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि का लग्न भाव पर गोचर आपको शुभ फल प्रदान करेगा। शनि गोचर अवधि में आपके स्वभाव में परोपकार व् कर्तव्यनिष्ठा का भाव विशेष रूप से होगा। इस अवधि में आपके मित्र वर्ग में बढ़ोतरी होगी। पुरुषार्थ और पराक्रम से किये गए कार्य पूर्ण होंगे।

आजीविका क्षेत्र से जुड़े कार्यों के लिए आपको छोटी अवधि की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। इस प्रकार की गई यात्राएं आपके लिए लाभकारी रहेंगी। लग्न भाव से शनि सप्तम भाव को देख कर आपका विवाह करा कर वैवाहिक सुख प्रदान कर सकते हैं। गोचर में शनि देवा का कर्म भाव से दृष्टि सम्बन्ध आजीविका क्षेत्र के कार्यों को मंद गति दे रहे हैं। आपको सामान्य से अधिक मेहनत और साहस से काम लेना पड़ सकता हैं। इसके अलावा कर्म क्षेत्र में आपको अपने अधिनस्थों का समय पर सहयोग प्राप्त होगा।

इस काल में पिता का सुख-सहयोग प्राप्त होने से आपके आत्मविश्वास भाव में बढ़ोतरी होगीं। और कई कार्यों में पिता से सहायता मिलेगी। इस अवधि की शुभता में वृद्धि करने के लिए आप शनि उपाय कर, धैर्य और सहनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहें। व्यवसायिक यात्राओं और योजनाओं पर कार्य आरम्भ करने से पूर्व पर्याप्त नियोजन कर लेने से मध्य में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सकता हैं। इस अवधि में दाम्पत्य जीवन में उतार-चढाव की स्थिति रहेगी। जीवन साथी के साथ संबंधों को मधुर बनाए रखने के लिए आपको स्वयं प्रयास करने पड़ सकते हैं। फिर भी इस समय में सम्बन्ध बनते – बिगड़ते रहेंगे। शनि उपायों से संबंधों को मजबूत किया जा सकता हैं।

कुम्भ राशि

शनि इस अवधि में आपके द्वितीय भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि गोचर की इस अवधि में आपके रुके हुए कार्य आगे बढ़ेंगे, यह अवधि शुभता लिए हुए हैं। इसलिए इस अवधि में प्राप्त होने वाले फल भी आपके लिए शुभ रहेंगे। इन ढाई सालों में आपके धन संचय में वृद्धि होगीं।

परिवार में भी बढ़ोतरी हो सकती हैं। इस भाव में शनि आपि आयु को बढाते हैं, और दीर्घकालीन रोगों में कमी करते हैं। शनि की यह आपको पैतृक संपति प्राप्ति के योग बना सकते हैं। शनि गोचर में भूमि, भवन से सम्बंधित योजनायें आगे बढेंगी। तथा संपति से जुड़े मामले भी सुलझ सकते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति पहले से अच्छी होगीं। सट्टा – लाटरी से आय और अप्रत्याशित लाभ प्राप्त हो साकते हैं।

जीवन स्तर पहले से बेहतर करने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आय और उन्नति के पक्ष से समय आपके साथ होगा। फिर भी सभी शुभ फल प्राप्त करने के लिए आप इस समय में सत्यवादी, निष्ठावान और ईमानदार बने रहें। अन्यथा शुभता में कमी हो सकती है। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगीं। समाज में आपको मान सम्मान प्राप्त होगा।

समयावधि में अप्रत्याशित लाभ प्राप्त हो सकते हैं। भूमि भवन लेने के योग बन सकते हैं। रुकी हुई पदोन्नति आपको प्राप्त हो सकती हैं। साथ ही इस समय में आपके द्व्दारा किये गए कार्यों की सराहना हो सकती हैं। इस समयावधि में आपके कार्यक्षेत्र में कुछ विशेष उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। यह समय सुख-शान्ति देने वाला है आपको इससे लाभ उठाना चाहिए।

मीन राशि

शनि इस अवधि में आपके तृतीय भाव पर गोचर कर रहे होंगे। शनि देव की यह स्थिति आपके पराक्रम भाव में बढ़ोतरी कर आपके लिए शुभ फलदायक रहेगीं। इस अवधि में व्यवसायिक यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन अथवा स्थानांतरण के प्रयास सफल रहेंगे।

इस अवधि में व्यवसायिक यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन अथवा स्थानांतरण के प्रयास सफल रहेंगे। इस समय में आप सरलता से अपने व्यवसाय में बदलाव कर सकते हैं। ढाई साल की अवधि में विदेश यात्राओं के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। शनि गोचर का यह काल प्रशिक्षण, अपनी योग्यता के विस्तार के पक्ष से भी शुभ और अनुकूल रहेगा। छोटे भाइयों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। तथा रूचि और मनोवांछित कार्य करने के अवसर मिलेंगे।

यह समय विशेष रूप से आपको विदेश स्थानों से लाभ दिलाकर आपकी ख्याति में बढ़ोतरी कर सकता हैं। इस समय में पराक्रम और भाग्य दोनों के सहयोग से आपके रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं। कार्यों में प्रयासों को बनाए रखने से समय की शुभता में वृद्धि की जा सकती हैं।

शनि का यह गोचर आजीविका और कार्यक्षेत्र में आपको आगे रखेगा, परन्तु कार्यभार का दबाव इस अवधि में आप पर बना रहेगा। शनि का दृष्टि सम्बन्ध आपके द्वादश भाव से बन रहा है, ऐसे में शयन सम्बन्धी सुख में कमी हो सकती हैं। दाम्पत्य जीवन तनाव में आ सकता हैं। और जीवन साथी की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता हैं।

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