छत्तीसगढ़

‘जेम पोर्टल’ के इस्तेमाल से सरकारी खरीदी में आएगी पारदर्शिता: डॉ. रमन सिंह

रायपुर : राज्य सरकार के सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी खरीदी अब केन्द्र सरकार की जेम वेबसाइट के जरिए की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां आयोजित कार्यक्रम में इसके लिए परस्पर समझौते के ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य और उद्योग विभाग के बीच हुआ। उल्लेखनीय है कि जेम ( गवर्नमेंट ई-मार्केंटिंग) वेबसाइट केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की संस्था डायरेक्टोरेट जनरल आॅफ सप्लाईज एण्ड डिस्पोजल (डीजीएसएण्डडी) द्वारा तैयार की गई है। वाणिज्य और उद्योग विभाग द्वारा इस वेबसाइट के उपयोग के संबंध में आज राज्य शासन के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशाला भी आयोजित की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एमओयू कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के सभी कार्यों में अधिक से अधिक पारदर्शिता की जरूरत पर बल दिया है। इसी कड़ी में केन्द्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की संस्था डीजीएसएण्डडी द्वारा प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप जेम पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से सरकारी दफ्तरों के लिए जरूरी वस्तुओं, उपकरणों आदि की खरीदी सम्पूर्ण पारदर्शिता क साथ उचित मूल्य पर की जा सकेगी। सरकारी खरीदी की प्रक्रिया में विलंब नहीं होगा और अच्छी गुणवत्ता की वस्तुएं मिलेंगी। सरकारी खरीदी प्रक्रिया का सरलीकरण हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सभी राज्य क्रमशः जेम वेबसाइट को अपनाते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ 15वां राज्य है, जिसने इसके लिए आज एमओयू किया है। मुख्यमंत्री ने एमओयू के लिए वाणिज्य और उद्योग विभाग और जेम पोर्टल से जुड़े डीजीएसएण्डडी के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जेम वेबसाइट के इस्तेमाल से सभी सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक उपक्रमों, (निगम-मंडलों, अभिकरणों) नगरीय निकायों और अन्य समस्त शासकीय संस्थाओं में कार्यालयों के उपयोग के लिए की जाने वाली खरीदी से संबंधित टेंडर प्रक्रिया में कई बार जो तकनीकी दिक्कतें आती थी, उनसे अब राहत मिलेगी। परम्परागत टेंडर प्रक्रिया में कई बार तकनीकी कारणों से मामले अदालतों तक पहुंच जाते हैं। इससे खरीदी में विलंब होता है, लेकिन अब जेम वेबसाइट के जरिए खरीदी शुरू होने पर ऐसा नहीं होगा।

संभाग और जिला स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण : ख्यमंत्री ने कहा-जेम वेबसाइट चूंकि एक नई वेबसाइट है। इसलिए इसके उपयोग का प्रशिक्षण हर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को राजधानी से लेकर संभाग स्तर और जिला स्तर पर भी उनको प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे इस पोर्टल की तकनीकी कार्य प्रणाली को आसानी से समझकर कार्यालयों के लिए उसका उपयोग कर सकें। एमओयू पर छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग के विशेष सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और जेम पोर्टल के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. सुरेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सी.एस.आई.डी.सी.) के अध्यक्ष श्री छगनलाल मुंदड़ा,प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, विभिन्न विभागों के प्रमुख प्रमुख सचिव और सचिव, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योगपति भी उपस्थित थे।

जेम पोर्टल के लिए भण्डार क्रय नियमों में राज्य सरकार ने किया संशोधन : उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी जेम वेबसाइट को अपना लिया है और सभी विभागों में इसके उपयोग के लिए भण्डार क्रय नियमों में इस महीने की सोलह तारीख को आवश्यक संशोधन भी जारी कर दिया है। जेम वेबसाइट के उपयोग के बारे में आज प्रदेश सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग ने राजधानी स्थित राज्य स्तरीय कार्यालयों के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया। इसके प्रथम सत्र में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सभी जिलों के प्रमुख अधिकारियों एवं शासकीय क्रय में भाग लेने वाले उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया । कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में दोपहर 2.30 बजे से शासन के विभागों के विभाग प्रमुखों एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय के उच्चाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यशाला में बताया गया कि राज्य में सूक्ष्म एवं लघु तथा मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है ।

जेम पोर्टल से दफ्तरों में बढ़ेगी मितव्ययिता: श्री अमर अग्रवाल
एमओयू के अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि जेम पोर्टल अर्थात् गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस के माध्यम से शासकीय उपयोग के लिए सामग्री के क्रय से शासकीय क्रय में पारदर्शिता एवं मितव्ययिता के साथ सरल तरीके से खरीदी हो सकेगी। इससे उत्पादकों और निर्माताओं के बीच अपनी वस्तुओं की बिक्री के लिए प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी इसके फलस्वरूप वस्तुओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

ई-टेंडरिंग के जरिए अब तक हुई 40 हजार करोड़ की खरीदी
मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने भी एमओयू समारोह को सम्बोधित किया। श्री ढांड ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2007 से ही ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया अपना रही है और अब तक हमारे यहां विभिन्न विभागों द्वारा ई-टेंडरिंग के जरिए लगभग 40 हजार करोड़ रूपए के 14 हजार टेंडर मंजूर किए गए हैं। इसके फलस्वरूप चार हजार करोड़ रूपए की बचत हुई है। विशेष सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ राज्य के कारोबारियों और उद्योगपतियों को भी जेम पोर्टल पर पंजीयन करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जेम पोर्टल में अब तक 542 कारोबारी और 278 संस्थान पंजीकृत
केन्द्र सरकार के जेम पोर्टल के अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. सुरेश कुमार ने छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए बताया कि जेम वेबसाइट में अब तक राज्य के 542 कारोबारियों ने और 278 संस्थानों ने पंजीयन करवा लिया है। इसके माध्यम से रु. 29 करोड़ 30 लाख रूपए के 704 खरीदी आदेश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शासकीय खरीदी में निविदा दस्तावेजों का आधार से ई-साईन के माध्यम से सत्यापन, निविदा में विके्रता द्वारा दिये गये मूल्य का करांे/परिवहन सहित स्पष्ट उल्लेख, निविदा मापदंडों अनुसार सप्लाई किये गये माल की गुणवत्ता न होने पर 10 दिवस में वापसी/ बदलने की सुविधा, विलंब की स्थिति में प्रति सप्ताह 0.5 प्रतिशत पैनाल्टी का प्रावधान, इसके पश्चात् निरस्ती का विकल्प, जेम दरों पर केवल पोर्टल के माध्यम से ही क्रय, सीधे क्रय के मामले में दरों के उपयुक्त होने के बारे में संतुष्टि उपरान्त ही क्रय आदेश देना आदि शर्तें सम्मिलित हैं जिससे कि शासकीय क्रय में पारदर्शिता के साथ भरोसा बढ़ेगा ।

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