बड़ी खबरराष्ट्रीय

बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करने पर अब नहीं जाना पड़ेगा जेल

रेलवे एक्ट 1989 में किया जाएगा बदलाव

भारतीय रेल मंत्रालय

(Rail Ministry) ने पुराने नियमों और कानूनों में बदलाव करते हुए कुछ छोटे अपराधों के लिए जेल की सजा को ख़त्म करने का फैसला किया है. ऐसा मंत्रालय ने न्यायालयों (Courts) पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए किया है. अब इन गलतियों पर केवल जुर्माना (Fine) वसूल कर छोड़ दिया जाएगा.

रेलवे एक्ट 1989 में सुधार करते हुए बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना, ट्रेन में भीख मांगना जैसे अपराधों के लिए पकड़े जाने पर अब तुरंत जुर्माना लेकर छोड़ दिया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि इससे ना सिर्फ नागरिकों का शोषण रुकेगा बल्कि न्यायालयों पर पड़ने वाले बोझ के कम होने से न्याय मिलने में लगने वाला समय भी कम होगा. कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने सभी मंत्रालयों को लेटर लिखकर ऐसे छोटे अपराधों के लिए मिलने वाली सजा में बदलाव करने को कहा है.

किन अपराधों में अब नहीं जाना पड़ेगा जेल

वर्तमान में ट्रेन, रेलवे स्टेशन या रेल परिसर में किए गए किसी भी अपराध के लिए जुर्माना, जेल या दोनों ही सज़ा का प्रावधान है. नियमों में बदलाव के बाद अब ट्रेन की चेन खींचना, बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना, रिज़र्व कोच में घुसना जैसे अपराधों के लिए जेल की सजा नहीं मिलेगी बल्कि पकड़े जाने पर तुरंत जुर्माना लेकर छोड़ दिया जाएगा. इसके अलावा ट्रेन में कचरा फैलाना, पैसेंजर एरिया में सिगरेट पीना, सामान बेंचना, लेडीज कोच में यात्रा करना, झगड़ा करना जैसे अपराधों के लिए भी अब जेल नहीं जाना पड़ेगा.

रेलवे एक्ट 1989 में किया जाएगा बदलाव

रेलवे ने इसके लिए रेलवे एक्ट 1989 के 16 सेक्शन में बदलाव करने का फैसला किया है. रेलवे एक्ट में फ़िलहाल 37 अपराध ऐसे हैं जिनके लिए जुर्माने का प्रावधान है. रेल मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सभी अधिकारियों की राय मांगी है. रेल, रेल परिसर में यात्रियों और उनके सामानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की होती है. वहींं किसी को भी गिरफ्तार करने और जुर्माना वसूलने का अधिकार RPF को होता है.

Tags
Back to top button