फाइलेरिया मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए बांटी गयी उपचार किट

दुर्ग, 11 नवंबर 2021। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की सभी पीएचसी और सीएचसी पर आज राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस-2021 का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला मलेरिया विभाग की ओर से फाइलेरिया को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को फाइलेरिया के लक्षण कारण एवं रोकथाम व बचाव की जानकारी के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इस सम्बन्ध में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया,“फाइलेरिया दिवस पर अस्पताल पहुंचे मरीजों को फाइलेरिया बीमारी को लेकर जागरूक किया जाएगा। यही नहीं इस बीमारी से ग्रसित लोगों को ट्रेस कर दवा भी दी जाएगी। जिले के 196 फाइलेरिया के पुराने मरीजों को रोग नियंत्रण हेतु उपचार किट वितरण कार्य आज से प्रारंभ किया गया। डॉं. बंजारे ने बताया, फाइलेरिया के कारण व बचाव के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।

फाइलेरिया एक परजीवी रोग है जो वुचेरेरिया वैनक्राफ्ताई एवं वी मलाई के कारण होता है। क्युलेक्स ग्रुप की मादा मच्छर फाइलेरिया ग्रस्त व्यक्ति को काटने के बाद जब स्वस्थ मनुष्य को काटती है तो उसमे इस रोग का संचरण कर देती है। इसके प्रभाव से शरीर के किसी भाग मे सूजन, हाइड्रोसील तथा हाथीपांव के रूप मे प्रकट होता है। इसका प्रभाव सभी आयु वर्ग मे होता है। फाइलेरिया रोग के संचरण को कम करने के लिए 2 वर्ष की आयु से उपर (गर्भवती, बीमार व्यक्ति को छोड़कर) सभी व्यक्तियों को डीइसी की एक खुराक दिया जाना है। इसी के साथ एलवेण्डाजोल (400 मि0ग्रा0) की एक गोली खिलाना है। फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा वितरण के लिए टीमें बनाई गई है। इस टीम में मितानिन,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता में से एक व्यक्ति दवा खिलाने वाला होगा। जो प्रतिदिन 125 व्यक्तियों को दवा खिलाएगा।“

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बंजारे ने बताया,“छत्‍तीसगढ़ को फाइलेरिया मुक्त करने का संकल्प सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिया गया है। मलेरिया विभाग की ओर से विगत वर्षों से ही फाइलेरिया नियंत्रण के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। इससे जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में फाइलेरिया के सकारात्मक प्रकरणों में कमी दर्ज की जा रही है।“

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर द्वारा पुराने फाइलेरिया के मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए उपचार किट के रूप में टब, मग्गा, टॉवेल, साबुन, बेटाडीन मलहम आदि सामग्री वितरण किया गया है। मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन की विधि का प्रदर्शन जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बंजारे द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ गंभीर सिंह ठाकुर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश मेश्राम, डीपीएम पद्माकर शिंदे, तकनीकी पर्यवेक्षक लक्‍की दुबे, मलेरिया निरीक्षक जी. मोहन राव, विवेक कापरे, समरेश पटेरिया, प्रभारी सहायक मलेरिया अधिकारी कमल नारायण तिवारी एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button