मुंगेली, तखतपुर, कोटा, बिल्हा में त्रिकोणीय मुकाबला

कयासों का दौर, 11 दिसंबर को आने वाले चुनाव के परिणाम पर टिकी है सबकी निगाहें

मुंगेली: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब सबकी निगाहें 11 दिसंबर को आने वाले चुनाव के परिणाम पर टिकी हैंं। ऐसे में कुछ सीटों और प्रत्याशियों को लेकर संयोग व मिथक की भी चर्चाएं जोरों पर हैं।

ऐसा ही एक मिथक मुंगेली व बिलासपुर जिले के कुछ विधानसभा को लेकर भी है, यहां से मुंगेली विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पुन्नूलाल मोहिले का कभी कोई भी चुनाव नही हारने का रिकार्ड रहा है वहीं कांग्रेस ने राकेश पात्रे को चुनाव मैदान में उतारा है जोगी कांग्रेस से पूर्व विधायक चंद्रभान बारमते चुनाव लड़ रहे हैंं। चंद्रभान बारमते की स्थिति यहां ठीक रही, मगर अपराजेय रहे पुन्नूलाल मोहले की जीत हार के लिए कोई स्पष्ट आंकलन नहीं कर पा रहा है।तखतपुर में भाजपा से इस बार कैंडिडेट बदल कर महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय, कांग्रेस से पूर्व विधायक बलराम सिंह की बहू रश्मि सिंह व जोगी कांग्रेस से संतोष कौशिक के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है।

यहां के चुनाव परिणाम भी चौंकाने वाले हो सकते हैं।कोटा विधानसभा में भी त्रिकोणीय संघर्ष निर्मित रही। यहां पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी वर्तमान विधायक रेणु जोगी ने कांग्रेस छोड़ जोगी कांग्रेस से एवं कांग्रेस से विभोर सिंह, भाजपा से कांशीराम साहू चुनाव लड़ रहे हैं। राजनैतिक विश्लेषक यहां की स्थिति के बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। बहरहाल जो भी हो सभी प्रमुख पार्टियां व आमजनमानस की नजर निगाहें आगामी 11 दिसम्बर के परिणाम के लिए टिकी हुई है। लोरमी विधानसभा में जोगी कांग्रेस समर्थक अपने उम्मीदवार धर्मजीत सिंह की जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं; इस सीट पर भाजपा शासन के पूर्व संसदीय सचिव तोखन साहू मैदान में हैं।

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