मस्तूरी और बेलतरा में त्रिकोणीय मुकाबला

प्रदीप शर्मा

बेलतरा विधानसभा क्षेत्र मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र

बेलतरा में उम्मीदवारों की

भीड़, त्रिकोणीय संघर्ष 

मस्तूरी में उलट फेर

बसपा की मजबूत दावेदारी

बद्रीधर दीवान
दिलीप लहरियासाल 2003 के परिसीमन में बिलासपुर जिले की सीपत सामान्य सीट को विलोपित कर अस्तित्व में आई बेलतरा विधानसभा सीट पर अब तक भाजपा का ही कब्जा रहा। यहां से भाजपा के बद्रीधर दीवान विधायक चुने गए हैं। परिसीमन से पहले बद्रीधर दीवान सीपत विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चुने गए थे। वहीं अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा दोनों के खाते में जीत दर्ज होती रही है। वर्तमान में यहां से कांग्रेस के दिलीप लहरिया विधायक चुने गए हैं।

रायपुर: ब्राह्मण मतदाता बाहुल्य बेलतरा सीट पर साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने पूर्व विधायक बद्रीधर दीवान को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में जहां भाजपा को पुराने चेहरे का फायदा मिला वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने भुवनेश्वर यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भाजपा के बद्रीधर दीवान ने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के भुवनेश्वर यादव को 4967 मतों से हराया। भाजपा के बद्रीधर दीवान को 38867 मत मिले वहीं कांग्रेस के भुवनेश्वर यादव को 33891 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं बसपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के बद्रीधर दीवान दोबारा इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी घोषित हुए। इस बार भी उनका मुकाबला कांग्रेस के भुवनेश्वर यादव से था। जिसमें भाजपा के बद्रीधर दीवान अपनी जीत बचाने में कामयाब रहे और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के बद्रीधर दीवान ने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के भुवनेश्वर यादव को 5728 मतों से हराया। भाजपा के बद्रीधर दीवान को 50890 मत मिले वहीं कांग्रेस के भुवनेश्वर यादव को 45162 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं बीएसपी तीसरे स्थान पर रही।

आने वाले विधानसभा चुनाव में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक की ज्यादा उम्र भाजपा को परेशान कर रही है। कयास लगाए लगाए जा रहे हैं कि भाजपा इस बार अपना उम्मीदवार बदल सकती है। भाजपा इस बार भी ब्राह्मण समाज से अपना उम्मीदवार तय कर सकती है। फिलहाल सामान्य सीट होने की वजह से यहां दावेदारों की लंबी लिस्ट होने से सभी दलों के सामने उम्मीदवार तय करने में परेशानी आ रही है। इस बार कांग्रेस अपना प्रत्याशी किसे बनाती है ये आने वाले वक्त में साफ हो पाएगा।

वहीं जोगी कांग्रेस ने बिलासपुर सामान्य सीट कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी अनिल टाह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। हाल में बसपा और जोगी कांग्रेस में गठबंधन होने की वजह से इस बार बेलतरा विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी अपनी दावेदारी करती या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है। बता दें कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में बसपा तीसरे स्थान पर रही, इस बार बसपा और जोगी कांग्रेस का गठबंधन कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों को परेशानी में डालने वाला साबित होगा।

मस्तूरी में उलट फेर, बसपा की मजबूत दावेदारी

अनुसूचित जाति के आरक्षित मस्तूरी विधानसभा सीट पर चुनाव परिणाम उलट फेर वाले साबित होते रहे हैं। वहीं इस सीट में बसपा का भी खासा वोट शेयर है। साल 2003 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस के मदन सिंह डहरिया को हार का सामना करना पड़ा था।

इस चुनाव में भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के मदनसिंह डहरिया को 2268 मतों से हराया था। भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को 40485 मत मिले वहीं कांग्रेस के मदनसिंह डहरिया को 38217 मतों से हार का संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को मैदान में उतारा। जिसमें डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रहे। उन्होंने कांग्रेस के अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी मदनसिंह डहरिया को त्रिकोणीय मुकाबले में 9208 मतों से हराया। भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को 54002 मत मिले वहीं कांग्रेस मदनसिंह डहरिया को 44794 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं 29293 वोट हासिल हुए बसपा तीसरे स्थान पर रही।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीसरी बार डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी पर दांव लगाया लेकिन एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए दिलीप लहरिया को मैदान में उतारा था। जिसमें कांग्रेस के दिलीप लहरिया ने त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को 24146 मतों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस के दिलीप लहरिया को 86509 मत मिले वहीं भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को 62363 मतों से संतोष करना पड़ा। 11099 मत पाकर बसपा तीसरे स्थान पर रही।

आने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार बसपा-जोगी कांग्रेस गठबंधन की मजबूत दावेदारी कांग्रेस और भाजपा दोनों को परेशान करने वाली साबित होगी। इस चुनाव में जहां कांग्रेस के आगे अपनी जीत बचाने की चुनौती होगी तो भाजपा के सामने जिताऊ चेहरे की तलाश। फिलहाल वो चेहरे कौन होंगे ये आने वाले वक्त में ही साफ हो पाएगा।

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