राष्ट्रीय

ट्रिपल मर्डर केस : बेटा ही निकला परिवार के सदस्यों का हत्यारा, पूछताछ जारी

पुलिस ने मामले में आरोपी बेटा सूरज को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली:

देश की राजधानी दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज के सामने एक ही परिवार के तीन लोगों की चाकू से गोदकर हत्या के मामले मे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है । इन हत्याओं के पीछे कोई और नहीं बल्कि परिवार का ही बेटा है।

19 वर्षीय सूरज ने ही अपनी मां, पिता और बहन की हत्या की। पिता सूरज को नशे करने से रोकता था, मां पढ़ाई के लिए टोकती थी और बहन उसे न सुधरने पर ताना मारती थी, इसी बात से वह नाराज हो गया और गुस्साते हुए बड़ी बेरहमी से पिता, मां और बहन की हत्या कर दी।

हत्या के बाद उसने एक मनगढ़ंत कहानी बनाई और पुलिस सहित पड़ोसियों को गुमराह किया, लेकिन उसका ये नाटक महज 8 घंटे से ज्यादा नहीं चला। पुलिस ने मामले में आरोपी बेटा सूरज को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस के मुताबिक इस हत्या में उसके साथ कितने लोग थे ये अभी जांच की जा रही है।

बता दें कि बुधवार तड़के सुबह वसंतकुंज इलाके में एक ही परिवार में रहने वाले घर के मुखिया (पति), उनकी पत्नी और 16 वर्षीय बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और इस घटना में घर में ही मौजूद 19 वर्षीय बेटा मामूली रूप से घायल हो गया था। हत्या की जानकारी बालकनी से बेटे ने ही पड़ोसी और पुलिस को दी थी।

मौके पर जब पुलिस पहुंची और क्राइम सीन देखा तो दंग रह गई कि घर में न तो कोई लूटपाट हुई है और न ही कोई सामान छेड़ा गया है। यही नहीं घर में 4 लोग मौजूद थे लेकिन एक को अज्ञात हत्यारों ने छुआ तक नहीं,

इन्हीं सवालों के चलते पुलिस ने हत्या के मामले में घर में बचे इकलौते बेटे से पूछताछ की तो उसने अपने बयानों को लगातार बदला, जिससे पुलिस को शक हुआ और जब उससे सख्ती की गई तो उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।

जानकारी के मुताबिक मृतक 45 वर्षीय मिथिलेश वर्मा किशनगढ़ इलाके में मकान नंबर सी 2-8/9 में अपनी पत्नी 42 वर्षीय सिया वर्मा, 16 वर्षीय बेटी नेहा वर्मा और 19 वर्षीय बेटा सूरज वर्मा के साथ रहते थे। वह मूल रूप से कन्नौज के रहने वाले थे।

नेहा 9वीं कक्षा की छात्रा थी व सूरज गुडग़ांव के एक पॉलटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस को घर के एक कमरे के जमीन पर मां-बेटी का व दूसरे कमरे के जमीन पर मिथिलेश वर्मा का खून से लथपथ शव मिला।

क्राइम पेट्रोल देख बनाई प्लानिंग

अपने ही परिवार की बेरहमी से हत्या करने वाले सूरज ने खुद को बचाने के लिए हत्याकांड को लूट का रूप दिया। इसके लिए उसने टीवी पर आने वाले सीरियल क्राइम पेट्रोल का सहारा लिया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान जब उसके मोबाइल फोन की जांच की तो फोन में क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड सेव मिले।

ये एपिसोड मुख्य रूप से इसी प्रकार की हत्या और उसके बाद हत्या को लूट का रंग दिए जाने को लेकर बने थे। इसके बाद जब पूछताछ की गई तो उसने इस बात को स्वीकार कर लिया।

बहन से रात में हुआ था झगड़ा, मां ने रोका तो कर दी हत्या

मंगलवार रात आरोपी सूरज ने बहन को एक व्यक्ति के साथ देखा था, जिसके बाद उसने बहन से झगड़ा किया,लेकिन पिता और मां ने उसे ही भला बुरा कहने लगे।यही नहीं, विरोध करने पर उसे मारा भी।

इससे वह इतने गुस्से में आ गया और रात में हत्या का प्लान बनाया। हत्या कर उसने अपने हाथ में जख्म को दिखाया और पिटने का बहाना बनाया। बताया जाता है कि इस हत्या में उसने अपने दो साथियों की मदद भी ली है। ये दोनों दोस्त रात में गली के बाहर लगे एक सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हैं।

4 साल पहले भी सूरज घर से अचानक हो गया था गायब

मिथलेश वर्मा के भाई चंद्रभान ने बताया कि सूरज चार साल पहले भी अचानक घर से गायब हो गया था। वह अपने घर से मां से यह कहकर निकला था कि वह किताबें खरीदने के लिए महिपालपुर जा रहा है। पर जब कई घंटों बाद उसका कुछ पता न चला तो उसकी तलाश शुरू की गई थी।

पर कुछ भी पता न चला था। इसके बाद परिवार के लोगों ने थाने में उसके गुमशूदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इधर पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि परिवार के लोगों को मेरठ पुलिस ने फोन कर उसके वहां होने की सूचना दी थी। उस समय सूरज ने अपने गुमशूदगी के संबंध में बताया था कि उसे कुछ लोग बेहोश कर अपने साथ ले गए थे।

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