महिला थाना बना महिलाओं के लिए मुसीबत

रिपोर्ट लिखाने आई महिलाओं के साथ इस थाने में होता है दुर्व्यवहार

प्रदीप दीवान

बिलासपुर ।संभाग मुख्यालय का महिला थाना ही इन दिनों महिलाओं के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। अपराध घटित होने के बाद रिपोर्ट लिखाने आई महिलाओं के साथ इस थाने में दुर्व्यवहार होना और रिपोर्ट नहीं लिखा जाना आम बात हो गई है ।

पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक ने 45 हजार रू लेकर रिपोर्ट नहीं लिखने वाली एक महिला सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी महिला थाने का स्ट\फ रिश्वत लिए बगैर रिपोर्ट लिखने में रुचि नहीं ले रही है।

ताजा मामला सीपत नरगोडा निवासी संगीता श्रीवास का है ,जिसमें पीड़ित महिला ने पति के खिलाफ प्रताड़ना और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने गई थी,

उन्होंने एडिशनल SP अर्चना झा के आदेश के बावजूद संगीता श्रीवास की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मामले की शिकायत SP तक पहुंचने पर पुलिस कप्तान ने महिला एएसआई ऐश्वर्या मिश्रा को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।

दरअसल महिला थाने में दर्जनों महिला पुलिस अधिकारी एप्रोच के दम पर वर्षों से जमी हुई है। थाने की आड़ में संभाग मुख्यालय में रहकर घरेलू कामकाज निपटाना इन महिला अधिकारियों के लिए सुविधाजनक बना हुआ है ,यही वजह है कि महिला पुलिस अधिकारी यहां से जल्दी हटना नहीं चाहती ।

वहीं पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं देते जिससे यह दुखद स्थिति बनी हुई है ।महिला थाने में ही महिलाओं के प्रति इस तरह की निर्दयता पुलिस के लिए आने वाले समय में मुसीबत का कारण बन सकती है।

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