प्रदेश में ट्रक हड़ताल से जमाखोरी का अंदेशा, 1300 करोड़ माल परिवहन प्रभावित

रायपुर।

डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को भी जारी रही। इससे प्रदेश के करीब 90 हजार ट्रकों के पहिए थम रहे। ट्रकों ने पूरी तरह से माल परिवहन को रोक दिया है। इससे छोटे माल परिवहन भी थम गए हैं।

वहीं जानकारों के मुताबिक हड़ताल नहीं खत्म होने से प्रदेश में खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों का तर्क है कि अगर ये हड़ताल एक हफ्ते से कम समय तक भी चली तो बाजार में जमाखोरों के लिए चांदी काटने का मौका मिल जाएगा। हड़ताल से करीब पूरे प्रदेश में 1300 करोड़ रुपये के माल परिवहन नहीं हुए।

गौरतलब है कि आॅल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हड़ताल जारी है। ऐसे में जाहिर है कि ट्रकों के अलावा अन्य वाहनों के ट्रांसपोटर्रों के इस हड़ताल में शामिल हो जाने से माल परिवहन का काम पूरे देश में ठप हो गया है। पूरे देश में 95 लाख से अधिक ट्रक हैं, जो एक-दूसरे राज्य से माल हजारों करोड़ के सामान का परिवहन करते हैं।

खाद्य सामग्री के दाम भी बढ़ेंगे

ट्रकों और मेटाडोर के हड़ताल पर चले जाने से माल परिवहन ठप रहने से जाहिर है कि खाद्य वस्तुओं के दामों में आसमानी उछाल 72 घंटे में दिखने लगेगी, क्योंकि स्टॉक कम और डिमांड अधिक होने सामानों के दाम भी बढ़ेंगे।

छोटे वाहन मेटाडोर संचालकों के हड़ताल पर जाने से मंडियों में सब्जियों की आवक पर भी असर पड़ने लगा है। बहरहाल, अभी स्टॉक होने से रेट में सिर्फ आंशिक असर दिखा है। ज्ञात हो कि स्थानीय स्तर पर मंडियों तक सब्जियां पहुंचाने का माध्यम है। इस वजह से सब्जियों की आॅवक भी थम जाएंगी।

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