छत्तीसगढ़

वास्तविक किसानों को ही मिलेगा हक, धान खरीदी में फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं

राजनांदगांव । कलेक्टर भीम सिंह ने खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य में धान खरीदी कार्य के अंतर्गत वास्तविक किसानों के धान की ही खरीदी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर भीम सिंह ने आज 13 अक्टूबर को डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव में धान खरीदी की पूर्व तैयारी हेतु आयोजित द्वितीय दौर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित राजस्व, खाद्य एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए। कलेक्टर भीम सिंह ने 15 नवम्बर से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी कार्य की सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारी-कर्मचारियों को दिए है। प्रशिक्षण के दौरान अपर कलेक्टर जेके धु्रव, सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं डीआर ठाकुर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनके दिल्लेवार, जिला विपणन अधिकारी शर्मा सहित राजस्व, खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य शासन की विशेष प्राथमिकता वाले योजनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि केवल वास्तविक किसानों की धान की ही खरीदी की जाए। इसके साथ ही इस कार्य में फर्जीवाड़ा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सहकारी समिति के पदाधिकारियों को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहकर कार्य करने को कहा। कलेक्टर भीम सिंह ने धान खरीदी हेतु किसानों की पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2017 तक सभी किसानों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि के पश्चात् किसी भी स्थिति में किसानों का पंजीयन नहीं किया जाएगा। सिंह ने बताया कि ऐसे किसान जिनका पंजीयन वर्ष 2016-17 में धान खरीदी के लिए किया गया है, उन्हे चालू वर्ष के लिए कैरिफारवर्ड किया जायेगा। इन किसानों को पुन: पंजीयन कराने समिति में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही नया किसान पंजीयन तहसील मॉड्यूल से किया जाना है। जिसके अंतर्गत किसानों को 31 अक्टूबर तक संबंधित तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है। जिसके पश्चात् तहसील कार्यालय में सत्यापित धान बोनी रकबा से मिलान कर किसानों का पंजीयन किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी कार्य के अंतर्गत समितियों का विस्तार, निगरानी समितियों का गठन आदि सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए है। सिंह ने कहा कि धान खरीदी के कार्य में पटवारियों एवं इस कार्य में लगे डाटा एन्ट्री आपरेटरों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। कलेक्टर ने किसानों की पंजीयन की अंतिम तिथि की जानकारी की उचित प्रचार-प्रसार भी कराने के निर्देश दिए है।
फर्जी तरीके से आने वाले धान की रोकथाम के पुख्ता इंतजाम –
सिंह ने सीमावर्ती राज्यों व जिलों से धान खरीदी केन्द्रों में फर्जी तरीके से आने वाले धान की रोकथाम की पुख्ता इंतजाम भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने इस क्षेत्रों में सतत् निगरानी हेतु दल भी गठित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि नवीन दिशा-निर्देशों के आधार पर ट्रस्ट की जमीन की धान की बिक्री हेतु भी किसान के रूप में पंजीयन कराया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी धान उपार्जन केन्द्रों में बारदाना सुपरवाईजर नियुक्त करने की जानकारी दी। कलेक्टर ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान की निर्धारित दर को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश भी दिए। धान खरीदी कार्य के अंतर्गत किसी भी प्रकार की समस्या आने एवं लॉ एण्ड ऑर्डर की स्थिति निर्मित होने पर उच्च अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी कार्य की सतत् मानिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही धान खरीदी कार्य पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संपन्न किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के शत प्रतिशत पालन करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी कार्य 15 नवम्बर से प्रारंभ होकर 31 जनवरी 2017 तक चलेगा। इसके अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान सामान्य (मोटा) का दर 1550 रूपए एवं धान ग्रेट-ए (पतला) का 1590 रूपए प्रति क्विंटल की दर से निर्धारित किया गया है।
बैठक में कलेक्टर ने फसल कटाई प्रयोग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं पटवारियों को फसल कटाई प्रयोग के कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने फसल कटाई प्रयोग के सर्वे कार्य को समय-सीमा में पूरा नहीं करने वाले पटवारियों के विरूद्ध कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने किसानों को फसल सर्वे की जानकारी हेतु उचित प्रचार-प्रसार एवं मुनादी आदी भी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि हम सभी की कोशिश होनी चाहिए किसानों को उनके क्षतिग्रस्त फसलों का समुचित मुआवजा राशि प्राप्त हो। इसके अलावा सभी बीमित कृषकों को भी बीमा राशि का भी उचित लाभ मिल सके। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल हस्ताक्षर एवं आधार सीडिंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस कार्य को समय-सीमा में पूरा करने को कहा। प्रशिक्षण में समिति प्रबंधक, पटवारियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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