सीमा बाड़ तोड़ने कोशिश की, सैकड़ों शरणार्थियों पर छोड़े आंसू गैस के गोले

दक्षिण अमेरिकी सीमा पर जमा हुए कारवां (होंडुरास, ग्वाटेमाला और अल-सल्वाडोर के हजारों प्रवासियों का समूह) का अमेरिका में प्रवेश के लिए निकाला जाने वाला शांति मार्च आपे से अब बाहर हो गया।

गौरतलब हैं कि, अमेरिकी अधिकारियों ने रविवार को मेक्सिको सिटी के तिजुआना से सैकड़ों शरणार्थियों के सीमा पर बाड़ तोड़ने की कोशिश करने के बाद दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया से लगी सीमा को बंद कर दिया था।

प्रवासियों ने मैक्सिको पुलिस नाकाबंदी से बचने और सेन डिएगो की तरफ जाने वाली विशाल सीमा पार करने की कोशिश की। इसी दौरान अमेरिकी सीमा शुल्क व सीमा सुरक्षा एजेंसी ने दोनों दिशाओं पर बाड़ लगाते हुए सीमा को बंद कर दिया।

जब तिनआना से सैकड़ों शरणार्थियों ने सीमा बाड़ तोड़ने की कोशिश की तो झड़प के बाद प्रवासियों को धक्का देते हुए आंसू गैस छोड़ दी गई।

अमेरिका-मैक्सिको सीमा खुलने के बाद मैक्सिको से बड़ी तादाद में अवैध प्रवासी अमेरिका में घुसने लगे। उन्हें जब सीमा चौकी से रास्ता नहीं मिला, तो वे पास स्थित सूखी नहर को पार कर अमेरिकी सीमा में प्रवेश करने लगे।

इससे सीमा पर बिगड़ते माहौल को देख ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने वहां आंसू गैस के गोले दाग दिए। प्रवासियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे।

इसके पांच घंटे बाद तक सीमा को बंद ही रखना पड़ा। यह घटना राष्ट्रपति ट्रंप के मैक्सिको से लगी सीमाओं को बंद करने की धमकी के तीन दिन बाद घटी।

ट्रंप के बयान के विरोध से शुरू हुआ सीमा पार करने का दौर
इस बीच मैक्सिको ने माना कि सीमा पर प्रवासी हिंसक हो गए थे। मैक्सिको गृह मंत्रालय के मुताबिक कारवां में शामिल कुछ लोग हिंसक होकर अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने कहा, अब लोगों की पहचान कर उन्हें वापस मैक्सिको डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तिजुआना के महापौर कार्यालय ने भी माना है कि कुछ लोगों की हिंसा के चलते हम अमेरिका से अपने रिश्ते खराब नहीं होने देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जब दक्षिणी सीमा से देश में दाखिल होने वाले कारवां को रोकने के लिए हथियारबंद सैनिकों को भेजने का आदेश दिया तब अदालत ने ट्रंप के फैसले का विरोध किया।

इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि यदि मैक्सिको से आने वाले प्रवासी बेकाबू होने की हद तक पहुंच जाते हैं तो वे सीमा को पूरी तरह से बंद कर देंगे और प्रवासियों को नुकसान होना शुरू हो जाएगा।

ट्रंप के इस बयान का मैक्सिको में विरोध शुरू हो गया। माना जा रहा है कि शांति मार्च के दौरान यही 500 प्रदर्शनकारी सैन डिएगो सीमा पर आ गए और अमेरिका में घुसने की कोशिश करने लगे।

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