आईएसआई के लिए कथित रूप से जासूसी करने वाले सेना के दो जवान गिरफ्तार

आरोपियों की पहचान सिपाही हरप्रीत सिंह (23) और सिपाही गुरभेज सिंह (23) के रूप में की गई

चंडीगढ़:पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस) के लिए कथित रूप से जासूसी करने वाले सेना के दो जवान सिपाही हरप्रीत सिंह (23) और सिपाही गुरभेज सिंह (23) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

हरप्रीत जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में तैनात था और 19 राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़ा था, वहीं गुरभेज करगिल में क्‍लर्क के रूप में कार्यरत था और 18 सिख लाइट इन्फेंट्री से संबंधित था।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने कहा कि दोनों आरोपी देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित 900 से अधिक गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें सीमापार तस्कर रणवीर सिंह को फरवरी से मई 2021 के बीच चार महीने के अंतराल में साझा कर चुके हैं। रणवीर सिंह उन्हें पाकिस्तान के खुफिया अफसरों को भेज चुका है।

गुप्ता ने बताया कि एसएसपी नवीन सिंगला के नेतृत्व में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने एनडीपीएस के एक मामले की जांच के दौरान रणवीर सिंह से भारतीय सेना के कामकाज और तैनाती से संबंधित गोपनीय दस्तावेज बरामद किये थे। रणवीर सिंह को 24 मई को 70 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था।

पैसे का द‍िया था लालच

गुप्ता ने कहा कि पूछताछ के दौरान रणवीर सिंह ने खुलासा किया कि उसने हरप्रीत सिंह से ये दस्तावेज प्राप्त किये जो उसका दोस्त हैं। दोनों एक ही गांव के हैं। उन्होंने आरोप लगाया क‍ि रणवीर ने हरप्रीत सिंह को रक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों को साझा करने के लिए पैसे देने का लालच दिया, जिसके बाद हरप्रीत ने अपने दोस्त गुरभेज सिंह को भी ऐसी राष्ट्र विरोधी जासूसी गतिविधियों में शामिल कर लिया।

आईएसआई के संपर्क में दो जवान

डीजीपी के हवाले से यहां एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि चूंकि गुरभेज करगिल में 121 इन्फेंट्री ब्रिगेड मुख्यालय में क्‍लर्क के रूप में कार्यरत था, इसलिए वह भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक जानकारी वाले इन गोपनीय दस्तावेजों को आसानी से हासिल कर सकता था।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रणवीर सिंह इन गोपनीय दस्तावेजों को पाकिस्तान आईएसआई के ओहदेदारों को सीधे या अमृतसर के दाउके गांव के मादक पदार्थ तस्कर गोपी के माध्यम से भेजता था। गोपी के पाकिस्तान में मादक पदार्थ तस्कर गिरोहों और आईएसआई अफसरों से संपर्क थे।

गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान भेजने की बात कबूली

रणवीर सिंह के खुलासे के बाद पुलिस ने गोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसने गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान के मादक पदार्थ तस्करों को भेजने की बात कबूल की है। इनमें से एक तस्कर की पहचान कोठर के रूप में की गयी है।

दूसरा पाकिस्तान आईएसआई का कथित सदस्य सिकंदर है। दस्तावेजों के बदले वे हेरोइन और पैसा देते थे। डीजीपी ने बताया कि गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें कुछ एनक्रिप्टेन (कूट भाषा वाले सुरक्षित) ऐप से भेजी जाती थीं।

2017 में सेना में शाम‍िल हुआ था हरप्रीत

डीजीपी ने कहा कि शुरुआती जांच-पड़ताल के अनुसार अमृतसर के चीचा गांव के हरप्रीत सिंह और पंजाब के तरण तारण के पुनियां गांव के रहने वाले गुरभेज को गोपनीय जानकारी साझा करने के बदले में आर्थिक फायदे मिले। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने हरप्रीत सिंह को रकम दी जिसने इसे गुरभेज सिंह के खाते में ट्रांसफर किया।

हरप्रीत सिंह 2017 में सेना में शामिल हुआ था वहीं गुरभेज सिंह 2015 में सेना में शामिल हुआ था। एसएसपी सिंगला ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को जालंधर ग्रामीण पुलिस को सौंप दिया था और अन्य किसी आरोपी के शाम‍िल होने पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।

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