नगरी कांजीहाउस में भुख, प्यास से दो गायों की मौत

- राजशेखर नायर

नगरी : शुक्रवार को कांजीहाउस में बन्द दो गायों की भुख, प्यास से तडप-तडप कर मौत हो गई। जिसकी वजह से नगरीकों रोष व्याप्त है, गायों के मौत केलिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मृत दो गायो में एक माह भर से भी अधिक समय से नगरी कांजी हाउस में धायल अवस्था में बन्द थी। जब गाय को यहाँ लाया गया तब वह स्वस्थ थी।कांजी हाउस में लाने के बाद बीना देखरेख के मवेशी की हालत खराब होने लगी। इस बात की खबर लगने पर सर्वधर्म सेवा समिति के सदस्यों ने कांजी हाउस का निरीक्षण किया तो वहाँ दो गायों को अधमारी हालत में देखकर तुरंत डाॅक्टरी चिकित्सा कराई,पर दोनों गायो ने सुबहा दम तोड़ दिया ।

कांजी हाउस में न तो खाना, पानी,सफाई न ही रात्रि में रौशनी की व्यवस्था ही थी यहां तक की महिनों से गोबर आदि की सफाई ही की गई थी। इन गंभीर लापरवाही के चलते दो-दो गायों की मौत हो गई।लगभग 15 लाख की लगत से बने इस कांजी हाउस में पेयजल हेतु लाखो खर्च कर बेरवेल व बिजली फिटिंग तो कराई गई है पर बिजली कनेक्शन नहीं ली गई । चौकीदार कक्ष तो बनाई गई है पर कोई चौकीदार नहीं है ।गंभीर लापरवाही के चलते दो मवेशियों की मौत हो गई जब नपं अध्यक्ष से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंनेे बताया की कांजी हाउस का संचालन ग्रामव्यवस्था समिति कर रही हैं इसलिए मवेशियों के देखभाल की जिम्मेदारी भी ग्राम व्यवस्था समिति की बनती है।

ग्रामव्यवस्था समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार कश्यप का कहना है की कंजी हाउस का निर्माण मंवेशीयो को रखने की दृष्टि से गलत डिजाईन किया गया है । जिसकी वजह मवेशी धायल रहे थे ।

सर्वधर्म सेवा समिति के अध्यक्ष सन्नी छाजेड ने बताया की नगरी के गौवसेवा समिति के सदस्यों को धायल व बीमारा गायों के बारे में जानकारी दिये जाने के बाद भी वे उन गायों को देखने तक नही आये। जबकि यही गौसेवक आये दिन गौरक्षा के नाम पर बखेडा करते नजर आ जाते है।

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