छत्तीसगढ़

सिरपुर में शिशुरोग विशेषज्ञों का दो दिवसीय वार्षिक कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

शिशुओं के स्वास्थ्य में नई खोज और उनके ईलाज में विश्व में हो रही उन्नत चिकित्सा पद्धति की दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां

मनोज मिश्रा

महासमुंद।

महासमुंद जिले के सिरपुर में आज छत्तीसगढ़ राज्य के 150 से 200 शिशुरोग विशेषज्ञों का वार्षिक कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। सिरपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. ए.टी.दाबके थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर वार्षिक कॉनफ्रेंस का शुभारंभ किया। इस दौरान डॉ. अशोक कापसे, डॉ. ए.के. रावत, डॉ. राघवेन्द्र सिंह एवं डॉ. आर.के. परदल विशेष रूप से उपस्थित थे।

सिरपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ पेडिकॉन 2018 में प्रदेश सहित देश के विभिन्न भागों के शिशु रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और शिशुओं से संबंधित विभिन्न प्रकार के बीमारियों एवं उनके ईलाज के बारे में विचार-विमर्श किया। वार्षिक कॉन्फ्रेंस के प्रारंभ में आज यहां डॉ. सत्येन ज्ञानी ने न्यू आन्सेक्ट फिवर एन आईसीयू, डॉ. कनक रामनानी ने चाईल्ड हुड एक्यूट न्यूरो सायट्रियाट्रिक पर चर्चा की और उसके निदान बताए।

वही श्वसन तंत्र एवं उसके संबंध में होने वाले विभिन्न बीमारियों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विशेष रूप से परिचर्चा की। इस दौरान जिला महासमुंद द्वारा शिशुओं के कुपोषण दूर करने हेतु किए गए विभिन्न प्रयासों के संबंध में अभिनीत सिंह ने जानकारी दी। डॉ अशोक कापसे ने परिचर्चा के दौरान एंटीबायटिक, थैरेपी इन पेडियाट्रिक आफिस प्रेक्टिस पर प्रकाश डाला वहीं डॉ.के.पी साराभाई ने छत्तीसगढ़ में जापानी एंसीफैलाईटिस की आशंकाओं के संबंध में भी चर्चा की।

इसके अलावा डॉ. अजय कोसम ने इम्यूनिजेशन आफ एन एडोलेसेंट गर्ल, डॉ. हरिश नायक से सिकलसेल, डॉ. अशोक मेहता ने इम्यूनिजेशन आफ ए इंम्यूनोकम्प्रोमाईज्ड चाईल्ड के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा डॉ. अरूण अग्रवाल, डॉ सफी कोलहापुरे ने भी अपना विचार प्रकट किए।

डां. इंदर नथानी, डां. ए.टी. डापके, डां पी.के. श्रीवास्तव, डॉ. के. डब्ल्यू देवरस, डॉ. अस्मी अग्रवाल के पैनल ने विशेष रूप से शिशुओं को होने वाले विभिन्न रोगों के संबंध में ऐसे प्रश्नों पर चर्चा की, जो कि सामान्यतः पुस्तकों में उपलब्ध नहीं होते। उन्होंने शिशुओं को होने वाले रोग दूर करने के उपायों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। इसके अलावा डॉ. कापसे, डॉ. लोकेश लिंगप्पा, डॉ. अनुप वर्मा, डॉ. पूजा धुपर ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस दौरान शिशु रोग के क्षेत्र में विशेष रूप से उपचार कर उल्लेखनीय योगदान किए जाने पर डॉ. अशोक कापसे को डॉ. डी.एस. दवे पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि सिरपुर में आज से आयोजित इस वार्षिक कॉंफ्रेंस में शिशुओं के स्वास्थ्य के विषय में नई खोज और उनके ईलाज में विश्व में हो रही उन्नत चिकित्सा पद्धति की जानकारियां चिकित्सकों को वक्ताओं द्वारा जानकारी दी दी जा रही है। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न शहरों के अतिथि वक्ताओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से बच्चों की सामान्य एवं गंभीर बीमारियों, स्नायू तंत्र से संबंधित बीमारियों, श्वसन रोग से संबंधित बीमारियों, नये टीकों के बारे में जानकारी, मिरगी का उपचार, रक्ताल्पता एवं कुपोषण, नवजात शिशु देखभाल आदि विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

जिन अतिथि वक्ताओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा उनमें डॉ. अशोक कापसे (सूरत), डॉ. लोकेश लिंगप्पा, डॉ. आई.एस.राव (हैदराबाद), डॉ. ए.के.रावत (सागर), डॉ. ए.के.गंजू (नागपुर), डॉ. शफी कोल्हापुरे (मुम्बई) शामिल है। इनके द्वारा शिशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों के संबंध में अपनी विशेषज्ञ राय से कॉन्फ्रेंसके प्रतिभागी चिकित्सकों को अवगत कराया जाएगा।

कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के विभिन्न चिकित्सक भी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे एवं स्नातकोत्तर छात्र भी अपना शोधपत्र प्रतियोगिता में प्रस्तुत करेगें। सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के जाने माने शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश खुराना, डॉ. सांवर अग्रवाल, डॉ. शैलजा फुलझेले, डॉ. एम.एल. राठी, डॉ. पी.के श्रीवास्तव, डॉ. अनुप वर्मा, डॉ. के.पी.साराभाई, डॉ. माधुरी देशपांडे, डॉ. पूजा धुप्पड़, डॉ.जी.मालिनी, डॉ. के. डब्ल्यूं देवरस, डॉ. अमर सिंग ठाकुर, डॉ. विजय माखिजा, डॉ. किरण माखिजा, डॉ. रिमझिम श्रीवास्तव भी भाग लेंगे। इस अवसर पर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष डॉ. पी.के. श्रीवास्तव एवं सचिव डॉ. राघवेन्द्र सिंह के साथ उनकी टीम भी भाग लेगी।

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