5 साल में 200 गुना बढ़ी दो दर्जन विधायकों की संपत्ति, IT ने कसा शिकंजा

इनकम टैक्स विभाग ने बिहार के उन दो दर्जन से अधिक विधायकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जिनकी संपत्ति महज पांच सालों में 200 गुना से ज्यादा बढ़ी है। चुनाव आयोग को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है। हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि अभी उसके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। बहरहाल, आईटी द्वारा भेजे नोटिस में आरजेडी, जेडीयू और बीजेपी के विधायक शामिल हैं।

इनकम टैक्स विभाग की नजर पूर्व और मौजूदा दोनों विधायकों पर है। पिछले कई महीनों से विधायकों की संपत्ति का आंकलन कर रहे आईटी विभाग ने उन विधायकों पर 300 फीसदी से ज्यादा दंड लगाने की बात कही है जिनके पास अघोषित धन है और उन्होंने इसके बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं दी है।

अगर चुनाव आयोग को मौजूदा विधायकों द्वारा भरे गए हलफनामे में संपत्ति के बारे में दी गई जानकारी गलत मिलती है तो हो सकता है कि मौजूदा विधायकों को सदन से अपनी सदस्यता भी खोनी पड़े।

जांच कर रहे आईटी अधिकारी ने बताया कि विभाग ने बिहार के 243 एमएलए की घोषित आय की जांच की है, जिसमें 50 से अधिक विधायकों की संपत्ति पर संदेह है। उनकी संपत्ति चुनाव आयोग में दायर हलफनामे से कई गुना अधिक पाई गई है।

वहीं 25 से अधिक विधायकों ने चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में पांच सालों में 200 गुना बढ़ी संपत्ति का जिक्र जरूर किया, लेकिन वो उस संपत्ति के स्रोत का ब्योरा नहीं दे पाए। इनमें से कुछ विधायक वो भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति को हलफनामे में कम कर के दिखाया।

जिन विधायकों को नोटिस भेजा गया है उनमें नवाडा से आरजेडी के विधायक राज बल्लभ प्रसाद, पातेपुर से आरजेडी के विधायक प्रेमा चौधरी, लालगंज से जेडीयू के पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला, संदेश से आरजेडी के विधायक अरुण कुमार और गोविंदपुर से कांग्रेस की विधायक पूर्णिमा यादव के नाम शामिल है। इस लिस्ट में बीजेपी सरकार में मंत्री और मधुबन से एमएलए राना रंधीर सहित कई नाम शामिल हैं।

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