क्राइम

बैग लूटकर भाग रहे दो बदमाश गाजियाबाद पुलिस से मुठभेड़ ऐसे हुए

नोएडा सेक्टर-25ए स्थित स्पाइस मॉल की पार्किंग से बुधवार सुबह सफेद अपाचे बाइक पर सवार दो बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट को गोली मारकर खाली बैग लूट लिया। इसके बाद बदमाश भागते हुए गाजियाबाद पहुंचे। वहां वैशाली चौकी प्रभारी से इनकी मुठभेड़ हो गई। चौकी प्रभारी ने एक बदमाश को पकड़ लिया जबकि दूसरा फरार हो गया। मुठभेड़ में बदमाश और चौकी प्रभारी दोनों को गोली लगी है। नोएडा व गाजियाबाद पुलिस फरार बदमाश की तलाश कर रही हैं। पकड़े गए बदमाश के पास से नोएडा से लूटा गया बैग बरामद नहीं हुआ है। बदमाशों ने दोनों शहरों में लूट की कई वारदात अंजाम दी हैं। पुलिस इनकी बाइक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

कलेक्शन एजेंट से लूटा गया बैग खाली था
नोएडा-एनसीआर में मॉल व दुकानों से कैश कलेक्शन करने वाली ब्रिंग्स कंपनी की कैश वैन प्रतिदिन की तरह बुधवार सुबह 11:40 बजे स्पाइस मॉल पहुंची थी। कैश वैन में एक ड्राइवर, एक गनमैन और कलेक्शन एजेंट कृष्णा मौजूद थे। तीनों ने कैश वैन को मॉल के बगल में मौजूद पार्किंग की तरफ खड़ा किया था। कृष्णा एक बार मॉल की दुकानों से कलेक्शन कर गाड़ी में पैसा रख चुका था। दोबारा वह खाली बैग लेकर मॉल के अंदर कलेक्शन के लिए जा रहा था।

बदमाशों ने एटीएम कैश वैन समझ की थी वारदात
गौतमबुद्धनगर के एसएसपी लव कुमार ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों ने ब्रिंग्स कंपनी की कैश वैन को एटीएम में कैश डालने वाली गाड़ी समझकर लूटा था। अगर उन्हें कलेक्शन कंपनी के बारे में पता होता तो शायद वह एजेंट के बाहर निकलने का इंतजार करते। बदमाशों ने अचानक इस वारदात को अंजाम दिया था। मॉल की पार्किंग की तरफ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, इसलिए घटना की रिकॉर्डिंग नहीं मिल सकी है। जिले में इनके द्वारा की गई वारदात की जानकारी जुटाई जा रही है।

साहिबाबाद मंडी में ठेला लगाते हैं दोनों चचेरे भाई
नोएडा के क्षेत्राधिकारी द्वितीय राजीव कुमार सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में मुठभेड़ में गिरफ्तार बदमाश की पहचान रिजवान के रूप में हुई है। फरार साथी उसका चचेरा भाई समीर है। नोएडा की वारदात में समीर ने कलेक्शन एजेंट कृष्णा को गोली मारी थी, जबकि रिजवान बाइक लेकर कुछ दूर खड़ा था। दोनों मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं और गाजियाबाद की साहिबाबाद मंडी में सब्जी का ठेला लगाते हैं। मंडी में ही दोनों रहते हैं और वहीं से सफेद अपाचे बाइक लेकर ये लोग लूटपाट के लिए निकलते थे। लूटपाट के बाद दोनों फिर मंडी पहुंच जाते थे। रिजवान वर्ष 2016 में नोएडा के थाना फेज तीन से एनडीपीएस एक्ट में जेल भी जा चुका है। करीब एक-डेढ़ माह पहले ही वह जेल से बाहर निकला था। समीर के भी आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

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