दो और नवजात शिशु की मौत, सिम्स प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार

अंकित मिंज:

बिलासपुर: सिम्स में आगजनी के बाद बाकी नवजात शिशुओं को दुसरे अस्पताल में रिफर कराया गया था. जिसके बाद देर रात एक नवजात की मौत हो गई. वहीँ रविवार को एक और नवजात की मौत हो गई.

नवजात की मां मौत के लिए सिम्स प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रही है। देर शाम श्री शिशु भवन में भी एक बच्चे की मौत हो गयी। इससे पहले भी दो नवजात की मौत शिशु भवन में हो चुकी है। शासन के आदेश पर घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। इस घटना में अब तक चार बच्चों की मौत हो चुकी है।

22 जनवरी को सिम्स के आर्थोपेडिक ओपीडी के पास बने बिजली कंट्रोल पेनल यूनिट में आग लग गई थी। इससे एनआईसीयू में धुंआ भर जाने से इस वार्ड में भर्ती 22 नवजात को बाहर निकाला गया।

इसमें से 14 नवजात को ईदगाह चौक स्थित श्री शिशु भवन और व्यापार विहार रोड महादेव हास्पिटल में भर्ती किया गया था। श्री शिशु भवन में भर्ती दो नवजात की मौत हो चुकी है।

वहीं रविवार को सुबह 11ः30 बजे महादेव अस्पताल में भर्ती नवजात की मौत हो गई है। मरवाही -पेन्ड्रा के पास ग्राम मड़ई की रहने वाली धनकुवंर पति दुर्गेश मानिकपुरी 16 जनवरी को नवजात को सिम्स में जन्म दिया।

इसके बाद इसे सिम्स के एनआईसीयू में भर्ती किया गया था। सिम्स मेंं आग लगने के कारण एनआईसीयू से अन्य नवजात के साथ इसे भी बाहर निकाला गया था। जिसके कारण पस जम गया था उपचार कर मवाद को निकाला गया। लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं आया। रविवार को नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद सिम्स के अस्पताल अधीक्षक बीपी सिंह का मोबाइल स्विच ऑफ का मैसेज आता रहा।

श्री शिशु भवन में नवजात की मौत

रविवार को निजी अस्पताल श्री शिशु भवन में भर्ती बच्ची की मौत हो गई है। जिला जांजगीर अंतर्गत नवागढ़ गीधा निवासी मुकेश यादव की बेटी कुसुम को सिम्स में पिछले एक महीने से भर्ती थी। आगजनी के बाद इसे श्री शिशु भवन में शिफ्ट किया गया था। अब तब शिशु भवन में तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।

सिम्स प्रबंधन की लापरवाही हो रही उजागर

आर्थोपेडिक ओपीडी के पास बिजली कंट्रोल पैनल यूनिट में आग लगने की बड़ी वजह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही बताई जा रही है। जिस जगह पैनल बोर्ड था, वहां से अनेक मशीनों को बिजली की सप्लाई की जाती थी।

जानकारी के अनुसार सिम्स ने एक नई सोनोग्राफी मशीन खरीदी गयी थी और उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री के हाथों होना था। इस मशीन के लिए कनेक्शन उसी पैनल बोर्ड से लिया गया था, जहां से अन्य मशीनों के लिए पॉवर लिया गया था। मशीन को पॉवर सप्लाई के लिए क्षमता से कम मात्रा का केबल उपयोग में लाया गया था। जिसके कारण केबल भ्रष्ट हो गया।

सिम्स की लापरवाही से मौत हुई

पीडि़त मां धनकुवंर मानिकपुरी ने बताया उनका पहला बच्चा था। डिलवरी के बाद बच्चे को इलाज के लिए सिम्स लाए थे। आगजनी की घटना के बाद इलाज में लापरवाही बरती गई। अगर बच्चे को बाहर दूसरे अस्पताल में नहीं लाया जाता तो शायद उसकी मौत नहीं होती।

आज सौंप सकते हैं जांच रिपोर्ट

आगजनी की घटना के बाद जांच के लिए कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इसमें सीएमएचओ बीबी बोर्डे भी शामिल हैं। टीम के सदस्य घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही प्रभावितों, अधिकारियों.कर्मचारियों का बयान दर्ज कर चुके हैं। अब जांच लगभग पूरी हो गई है। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट सोमवार कीशाम तक सौंपी जाएगी।

बच्चों की मौत पर बोले संचालक इस मामले में एमएस व डीन जवाब दें

डीएमई अशोक चंद्राकर से सवाल किया गया कि लगातार बच्चों की मौत हो रही है। इन्हें बचाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं तो उन्होने कहा इसमें मैं क्या कर सकता हूं। इसकी जिम्मेदारी सिम्स के अस्पताल अधीक्षक और डीन की है। यह उन दोनों से पूछना चाहिए कि वे क्या रहे हैं।

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