त्रिपुरा में सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से दो लोगो की पीट-पीटकर हत्या

त्रिपुरा में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही अफवाह की वजह से दो जगहों पर दो लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है

त्रिपुरा में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही अफवाह की वजह से दो जगहों पर दो लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है. पहली घटना में मृतक का नाम 33 साल के सुशांत चक्रवर्ती है जो राज्य सरकार के कर्मचारी थे, उनका काम ग्रामीण इलाकों में जागृति फैलाना था.

बताया जा रहा है कि दक्षिण त्रिपुरा के एक गांव में किसी बात पर गांववालों से बहस हुई और फिर उन्हें मार दिया गया. वहीं एक दूसरी घटना में बच्चा चोरी का आरोप लगाकर तीन लोगों की बुरी तरह पिटाई की गई है, जिसमें एक जहीर ख़ान की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गुलज़ार और ख़ुर्शीद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. राज्य सरकार ने अफवाह को देखते हुए 48 घंटे के लिए इंटरनेट सर्विस और एसएमएस सर्विस को सस्पेंड कर दिया है

पुलिस ने बताया कि यह घटना पश्चिम त्रिपुरा के मुराबारी में हुई है. सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) स्मृति रंजन दास ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे राज्य से बाहर के तीन रेहड़ी वाले आए थे. वे सभी कारोबार करने आए थे. एआईजी ने बताया कि उन्होंने बिटरबन से एक गाड़ी ली थी, जब वे इलाके में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझा और उन्हें पीटना शुरू कर दिया.

घटनास्थल से मिली कार अगरतला : त्रिपुरा में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही अफवाह की वजह से दो जगहों पर दो लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है. पहली घटना में मृतक का नाम 33 साल के सुशांत चक्रवर्ती है जो राज्य सरकार के कर्मचारी थे, उनका काम ग्रामीण इलाकों में जागृति फैलाना था. बताया जा रहा है कि दक्षिण त्रिपुरा के एक गांव में किसी बात पर गांववालों से बहस हुई और फिर उन्हें मार दिया गया. वहीं एक दूसरी घटना में बच्चा चोरी का आरोप लगाकर तीन लोगों की बुरी तरह पिटाई की गई है, जिसमें एक जहीर ख़ान की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गुलज़ार और ख़ुर्शीद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. राज्य सरकार ने अफवाह को देखते हुए 48 घंटे के लिए इंटरनेट सर्विस और एसएमएस सर्विस को सस्पेंड कर दिया है

पुलिस ने बताया कि यह घटना पश्चिम त्रिपुरा के मुराबारी में हुई है. सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) स्मृति रंजन दास ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे राज्य से बाहर के तीन रेहड़ी वाले आए थे. वे सभी कारोबार करने आए थे. एआईजी ने बताया कि उन्होंने बिटरबन से एक गाड़ी ली थी, जब वे इलाके में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझा और उन्हें पीटना शुरू कर दिया.

दास ने बताया कि रेहड़ी वालों ने अपने चालक समेत इलाके में स्थित त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के शिविर में शरण ली। करीब एक हजार लोगों ने उनका पीछा किया और शिविर में घुस गए और एक रेहड़ी वाले की पीट – पीट कर हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि टीएसआर जवानों ने भीड़ को तितर – बितर करने के लिए दो गोलियां हवा में चलाईं और आंसू गैस के चार गोले छोड़. घटना में एक रेहड़ी वाले की मौत हो गई, जबकि दो अन्य रेहड़ी वाले, कार का चालक और एक पुलिस कांस्टेबल जख्मी हो गया.

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