शाला गणवेश का अवैध परिवहन करते दो पिकअप गाड़ी पकड़ाई

योगेश केशरवानी

बिलाईगढ़।

ब्लॉक मुख्यालय बिलाईगढ़ के अंतर्गत प्राथमिक शाला कैथा से आज दो पिकअप गाड़ी में भरकर शाला गणवेश का अवैध परिवहन करते हुए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के द्वारा रंगे हाथ पकड़ कर उक्त शाला गणवेश को विकास खंड शिक्षा अधिकारी के सुपुर्द किया गया।

प्राप्त समाचार के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार्यपालिक दंडाधिकारी अश्वनी चंद्रा के द्वारा ग्राम पवनी मोड़ में दो पिकअप गाड़ी जिसमें शाला गणवेश लदा हुआ था जिसे पकड़ कर विकास खंड शिक्षा कार्यालय लाया गया।

तहसीलदार अश्वनी चंदा ने बताया कि प्राथमिक शाला कैथा में विगत 4 वर्ष पूर्व से रखा हुआ शाला गणवेश को वाहन पिकअप क्रमांक सीजी 04 जेडी 3280 में 29 कार्टून ड्रेस जिसमें कूल 2900 ड्रेस एवं दूसरी पिक अप वाहन क्रमांक सीजी 22 एबी 8994 में 59 कार्टून में कुल 5900ड्रेस को लादकर अवैध परिवहन किया जा रहा था जिसे रंगे हाथ पकड़ा गया और पंचनामा की कार्यवाही कर विकास खंड शिक्षा अधिकारी के सुपुर्द किया गया ।

तहसीलदार के समक्ष विकास खंड शिक्षा अधिकारी जेआर डेहरिया ने स्पष्ट बताया कि इस घटना के संबंध में मुझे किसी प्रकार की जानकारी नहीं है और ना ही मेरे द्वारा किसी अधिनस्थ कर्मचारी को कोई दिशा-निर्देश दिया गया है
तहसीलदार श्री चंद्रा के जाने के बाद विकास खंड शिक्षा अधिकारी जे आर डेहरिया अपने बयान से बदल गए उस ने बताया कि कल 8 जनवरी को किसी से सूचना मिलने पर प्राथमिक शाला कैथा रखाये स्कूल ड्रेस के संबंध में नोटिस जारी कर सहायक बीओ को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था।

इस घटना के संबंध में विकास खंड शिक्षा अधिकारी का दो तरह का बयान देने से इनकी भूमिका में संदेह व्याप्त है जो कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है यहां यह बताना लाजमी है कि संकुल केंद्र परसाडीह के अंतर्गत प्राथमिक शाला में देवराहा, ठाकुर दिया ,परसाडीह,कैथा भाटापारा व पुरानी बस्ती,तथा इसी तरह से माध्यमिक शाला के अंतर्गत परसाडीह,मड़कडी, व कथा आता है इन प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में लगभग 1200 छात्र व छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन इस संकुल के प्राथमिक शाला कैथा में 8800 ड्रेस बरामद होना शिक्षा विभाग के द्वारा भारी आर्थिक गड़बड़ी को उजागर करता है।

उक्त शाला गणवेश विगत 4 वर्षों से यहां रखाये था इसे छात्र-छात्राओं को क्यों नहीं बांटा गया किस उद्देश्य से इसे छिपाकर यहां रखा गया था यह जांच का विषय है क्योंकि बच्चों के लिए आए हैं शाला गणवेश उन्हें नहीं मिलने से उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ा ।बहर हाल समाचार लिखे जाने तक इस पर अभी तक कोई उचित कार्यवाही नहीं हो पाया है नायब तहसीलदार अश्वनी चंद्र ने बताया कि आवश्यक कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

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