जेल में जादू-टोना, चेले ने सीखा ज्यादा तो गुरु ने तोड़ डाला जबड़ा

बिलासपुर सेंट्रल जेल नरबलि के सजायाफ्ता कैदी ने पुजारी किया जानलेवा हमला

बिलासपुर: नरबलि और पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदी केन्द्रीय जेल में तंत्र-मंत्र और जादू टोना सीख रहे थे। पत्नी के हत्यारे कैदी ने ज्यादा मंत्र ? सीख लिया तो नरबलि के आरोपी ने उस पर ईंट से जानलेवा हमला कर दिया। घटना केन्द्रीय जेल में रविवार सुबह हुई। हमले में घायल कैदी की जीभ कट गई और जबड़ा टूट गया। जेल प्रबंधन ने उसे सिम्स में भर्ती किया है। पुलिस ने जेलर की शिकायत पर आरोपी कैदी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थानांतर्गत ग्राम कोसा निवासी अशोक कुमार को जांजगीर कोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को नरबलि के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह 1 मई 2016 को जांजगीर-चांपा जिला जेल से यहां केन्द्रीय जेल स्थानांतरित हुआ था। उसे जेल के खण्ड क्रमांक 4 के बैरक नंबर 1 में रखा गया है। वह जेल में वह सफाई का काम करता है।

दूसरा कैदी मोहन मुरारी कवर्धा जिले के कुंडा थानांतर्गत ग्राम बेलसरी का निवासी है। वह अपनी पत्नी की हत्या के मामले में वर्ष 2008 आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वह जेल में मंदिर का पुजारी है। दोनों कैदी बैरक नंबर 1 में एक साथ रहते हैं। इस दौरान दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई।

रविवार सुबह 11 बजे कैदियों को भोजन बाँटने के बाद मोहन मुरारी बैरक में सो रहा था, तभी अशोक कपड़े में ईंट छिपाकर बैरक में पहुंचा और सोते हुए मोहन के चेहरे व सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मोहन की चीख पुकार सुनकर प्रहरी और कैदी बैरक की ओर भागे, जहां बैरक में खून से लथपथ मोहन पड़ा था। प्रहरियों ने उसे एंबुलेंस से सिम्स पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने कैदी मोहन मुरारी का उपचार शुरू किया। हमले में उसकी जीभ कट गई है और जबड़ा टूट गया है। बताया जा रहा है कि पुजारी पर हमला करने की जानकारी मिलने पर बैरक नंबर 1 में जेल के अन्य कैदियों को मिलने पर वे तांत्रिक की पिटाई करने उतारू हो रहे थे। प्रहरियों ने आरोपी को पकडकऱ सेल में बंद कर दिया।

ये बताया कारण

सहायक उपजेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने घटना की वजह की वजह जानने अशोक से पूछताछ तो उसने जो बताया उसे सुन कर सहायक उपजेल अधीक्षक के होश उड़ गए। अशोक ने बताया कि वह मोहन के साथ तंत्र-मंत्र और जादू-टोना सीख रहा था। दोनों एक-दूसरे को अपने तंत्र-मंत्र की जानकारी दिया करते थे। मोहन ज्यादा सीखने लगा था। अशोक ने उसे ज्यादा सीखने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना। इसलिए अशोक ने उसे मार डालने के लिए उस पर हमला कर दिया।

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