अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राजधानी रायपुर में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज

टीएस सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दर्ज कराई एफआईआर

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष व समाचार रिपब्लिक टीवी के पूर्व संपादक अर्नब रंजन गोस्वामी, उनके चैनल और ग्रुप के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है.

पहली एफआईआर पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दर्ज कराई है. इस एफआईआर में पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं वे सभी गैर जमानती धाराएं हैं. वहीं दूसरी एफआईआर कांग्रेस के रायपुर जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे की शिकायत पर दर्ज की गई है.

सिंहदेव और मरकाम ने अपनी एफआईआर में कहा

सिंहदेव और मरकाम ने अपनी एफआईआर में कहा है कि मंगलवार को रिपब्लिक टीवी पर उसके एडिटर (संपादक) अर्नब गोस्वामी ने एक डिबेट शो “पूछता भारत” में कहा, हिन्दू संतो की हत्या कर दी जाती है और सोनिया गांधी चुप क्यों है, बहुत से मीडिया भी चुप है, भारत में 80 प्रतिशत हिन्दू है, ऐसे में हत्या के समय इटली वाली सोनिया चुप है,

क्या अगर मौलवी या पादरी की हत्या होती तो सोनिया चुप रहती ? अभी देश में हंगामा कर देती, सोनिया गांधी उर्फ अल्थो मनिया चुप है, क्या ऐसे में हिन्दुओं को चुप रहना चाहिए ? तुम इटली वाली सोनिया गांधी इटली में रिपोर्ट भेजेगी कि देखो मैने महाराष्ट्र में सरकार बनाकर हिन्दू संतो की हत्या करवाई.

धर्म के अधार पर दंगा करने के लिए भडकाया

एफआईआर में आगे कहा गया है कि अर्नब गोस्वामी ने पूरे देश को धर्म के अधार पर दंगा करने के लिए भडकाया. इससे पूरे देश में धार्मिक उन्माद पैदा हो गया है. हिन्दू, मुस्लिम एवं ईसाई धर्म के खिलाफ तनाव पैदा हो गया है.

जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहां इस तरह से नफरत कर वातावरण बनाया गया इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तथा पूरे देश में रोष व्याप्त है. हमारी माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस के खिलाफ ऐसे मानहानि वाले शब्द कहे गए, वो सभी YouTube Channel में उपलब्ध है.

अत: उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ और चैनल के खिलाफ धारा 153,153A,153B,295A, 504 एवं 505 भादवि के तहत तुरंत अपराध दर्ज कर अर्नब गोस्वामी सहित सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही की जाए.

3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों

इस मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी 1860 की धारा 153(A), 295(A) और 505 (2) के तहत अपराध दर्ज किया है. इन तीनों धाराओं के तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

दूसरी एफआईआर में राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप

वहीं दूसरी एफआईआर राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने को लेकर की गई है. इस एफआईआर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने कहा है कि रिपब्लिक टीवी पर उसके संपादक अर्नब गोस्वामी ने दिनांक 16.04.2020 को राहुल गांधी द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में कोरोना वायरस रोग के रोकथाम के लिए दिये गये सुझावों को गलत ढंग से पेश कर उनकी तरफ से झूठी खबर अपने चैनल में प्रसारित किया गया है.

जो केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3, 4 के तहत कोविड 19 रोग की रोकथाम के लिए जारी किये गये केन्द्र एंव राज्य सरकार के द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि कोविड 19 के संदर्भ में कोई भी अफवाह या गलत समाचार प्रकाशित/प्रसारित नहीं करेगा के आदेशों का उल्लघंन है.

इस मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 1860 की धारा 188 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. इस धारा के तहत 1 माह की सजा या 200 रुपये जुर्माना या फिर दोनों से दंडित करने का प्रावधान है.

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