उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी: पहले नहीं था जेल का खौफ, अब बेल का डर

लखनऊ : योगी सरकार के सत्ता संभालने के बाद यूपी में शुरू हुए एनकाउंटरों का असर दिखने लगा है। लखनऊ से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति यह है कि अपराधी अपनी जमानत रद्द करवाकर वापस जेल जा रहे हैं।

कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने जमानत मिलने के बाद भी जेल से निकलने से इनकार कर दिया है। ऐसे भी अपराधी हैं जिन्होंने अपनी परोल कैंसल करवा ली है। कानून से न डरने वालों में पैदा हुए खौफ की यह तस्वीर हाल ही में यूपी पुलिस द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में साफ दिख रही है।

यह खौफ यूं तो पूरे प्रदेश के अपराधियों में हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मामले पश्चिमी यूपी के हैं। डीजीपी मुख्यालय के आंकड़े बताते हैं कि सत्ता परिवर्तन के बाद से अब तक 86 अपराधियों ने अदालत में सरेंडर किया है।

इनमें से ज्यादातर ने पिछले दो महीने में आत्मसमर्पण किया है। पश्चिमी यूपी के उन इलाकों में जहां ज्यादा एनकाउंटर हुए, वहां के अपराधियों में से कई ने अपनी बेल रद्द करवा ली है। इनमें नौ इनामी अपराधी भी हैं।

हाल ही में धर्मवीर सेठी ने बागपत सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया, वहीं जब्बार और जिया उल हक ने बुलंदशहर में अदालत के जरिए जेल की शरण ली।

इसलिए अपराधियों में दहशत

अपराधियों में दहशत की वजह यह है कि अभी तक 20 अपराधी ढेर किए जा चुके हैं जबकि 2500 से ज्यादा गिरफ्तार किए गए हैं। इस तरह की कार्रवाई में अब तक 2 पुलिस अधिकारी शहीद हो चुके हैं जबकि 90 से ज्यादा पुलिसवाले घायल हुए हैं।

दूसरे राज्यों में कर रहे सरेंडर

कई बड़े और इनामी अपराधी ऐसे हैं जो सुरक्षित रहने के लिए यूपी से दूर रहना चाहते हैं। पश्चिमी यूपी का खौफ कहे जाने वाले बिल्लू दुजाना ने हाल ही में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में सरेंडर किया।

मेरठ के अमित जाट ने सोनीपत, हरियाणा के बिट्टू ने रोहतक में सरेंडर किया है। सूत्रों के अनुसार, यूपी के कई इनामी अपराधियों ने जयपुर की अदालत में सरेंडर किया है।

क्या कहते हैं आंकड़े

– 86 अपराधियों ने दूसरे राज्यों में सरेंडर किया। इनमें बरेली जोन के पांच, मेरठ जोन के 67, वारणसी-चंदौली का एक, कानपुर जोन के 11 और इलाहाबाद के दो अपराधी हैं।

– 15 अपराधी जमानत के बाद भी बाहर नहीं आए। इनमें बदायूं के चार, कानपुर देहात, कानपुर नगर, गोरखपुर व बस्ती के तीन-तीन, अमरोहा के दो, बरेली, इटावा, लखनऊ-उन्नाव का एक-एक अपराधी है।

– 9 अपराधी जमानत रद्द करवाकर जेल गए। इनमें संभल से एक, बुलंदशहर से तीन, गौतमबुद्धनगर से एक, हापुड़ से एक और मुजफ्फरनगर से तीन हैं।

बता दें कि ये डीजीपी मुख्यालय से मिले ये आंकड़े मार्च से अक्टूबर 2017 के बीच के हैं।

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