उज्जैन: मंगलनाथ मंदिर में बना रिकॉर्ड, 506 भक्तों ने भातपूजा कराई

मंदिर प्रशासक नरेंद्रसिंह राठौर ने बताया देव उत्थापनी एकादशी के बाद मंगल भातपूजा में इजाफा हुआ है।

अगहन मास में भौम प्रदोष के संयोग में मंगलवार को मंगलनाथ मंदिर में भातपूजा का नया रिकॉर्ड बना। देश-विदेश से आए करीब 506 भक्तों ने भातपूजा कराई।

9 श्रद्धालुओं ने कालसर्प दोष निवारण पूजन भी किया। इधर अंगारेश्वर मंदिर में भी अब तक की सर्वाधिक 319 भात पूजा हुई। मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति को भातपूजा की शासकीय रसीद से एक लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। इसके पूर्व एक दिन में 484 भात पूजा हुई थी।

मंदिर प्रशासक नरेंद्रसिंह राठौर ने बताया देव उत्थापनी एकादशी के बाद मंगल भातपूजा में इजाफा हुआ है। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त और तिथि के संयोग में भातपूजा कराने आ रहे हैं।

मंगलवार को प्रदोष होने से यह तिथि भातपूजा कराने के लिए विशेष मानी जाती है। पर्व का लाभ उठाते हुए 509 भक्तों ने भातपूजा तथा 9 श्रद्धालुओं ने कालसर्प दोष निवारण पूजा कराई। इससे मंदिर समिति को 95 हजार 850 रुपए की आय हुई है।

अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भी भातपूजा कराने वालों का तांता लगा रहा। दिनभर में 319 भक्तों ने भातपूजा कराई। शासकीय रसीद से 48 हजार 450 रुपए की आय हुई है।

मंगलनाथ व अंगारेश्वर मंदिर में आमदर्शनार्थी भी महामंगल के दर्शन के लिए पहुंचे। दोनों मंदिर में दिनभर में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने आम दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे।

शासकीय पुजारी पं. दीप्तेश दुबे ने बताया भगवान मंगलनाथ शुभकर्ता व दुखहर्ता कहे गए हैं। इनके पूजन से भक्त को भूमि, भवन, वाहन, पुत्र व धन धान्य की प्राप्ति होने की मान्यता है।

शादी व्याह जैसे मांगलिक कार्यों में आ रही बाधा के निवारण के लिए मंगलनाथ की भातपूजा करने का विधान है। इस पूजन के लिए भौम प्रदोष विशेष तिथि मानी गई है।

 

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