UN में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – हमें खतरा हुआ तो उत्तर कोरिया को नेस्तानाबूत कर देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो टूक उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि ‘रॉकेट मैन’ अपने शासन और जनता के खिलाफ ‘आत्मघाती मिशन’ पर हैं।

ट्रंप ने 193 देशों की संयुक्त राष्ट्र आमसभा को संबोधित करते हुए कहा, अमेरिका के पास ताकत और संयम दोनों हैं। लेकिन जब बात अपनी और सहयोगियों की रक्षा की आएगी, तो अमेरिका के पास उत्तर कोरिया को पूरी तरह से नेस्तानाबूद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया को समझ लेना चाहिए कि परमाणु हथियारों को छोड़ने से ही उसका भविष्य सुरक्षित होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के तानाशाह उन को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘रॉकेट मैन’ अपनी सरकार और जनता के लिए ‘आत्मघाती मिशन’ पर है। वह खुद अपना विनाश करने पर तुले हैं। उन्होंने परोक्ष रूप से चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश न केवल उत्तर कोरिया के साथ वित्तीय संबंध कायम हुए है, बल्कि हथियारों की भी आपूर्ति कर रहे हैं और दुनिया को खतरे में डाल रहे हैं।

राष्ट्रपति ने ईरान-अमेरिका के बीच हुए परमाणु शांति समझौते को भी रद्द करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, समझौता एकतरफा थी। इससे अमेरिका का असहम स्थिति का सामना करना पड़ा। यह एक बड़ी भूल है।

दुनिया गर्त में जा रही है
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया गर्त में जा रही है। उन्होंने कहा, दुनिया का एक बड़े हिस्से में संघर्ष चल रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र ही इस स्थिति से निपट सकता है। ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में बैठे ताकतवर लोग के मार्गदर्शन और तत्वाधान में संयुक्त राष्ट्र इन गंभी और जटिल समस्याओं को निपटा सकता है।

सैन्यबल से सुलझाएंगे समस्या
ट्रंप ने एक ओर संयुक्त राष्ट्र से मिलकर दुनिया की समस्याओं से निपटने की अपील की। वहीं दूसरी ओर दो टूक कहा कि अमेरिकी सेना इन समस्याओं को सैन्य बल के रास्ते सुलझाने को तैयार है। उन्होंने कहा, जल्द ही हमारी सेना फिर से दुनिया की ताकतवर सेना होगी।

अमेरिकी मूल्य थोपना मकसद नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम अन्य देशों से यह नहीं चाहते कि वह अमेरिकी मूल्यों को आत्मसात करे। बल्कि हम चाहते हैं कि सभी विकास कर नजीर बने। उन्होंने कहा, मैं हमेशा अमेरिका पहले की नीति पर काम करता हूं, जैसा कि मेरे सभी समकक्ष अपने देश और नागरिकों के प्रति भाव रखते हैं।

आतंक को पनाह देने वालों को बेनकाब करें

ट्रंप ने आतंकवाद की चर्चा करते हुए कहा कि हम चरमपंथी आतंकवाद रोकेंगे, क्योंकि हम अपने देश और दुनिया को बंटते और दुखी नहीं देख सकते हैं। उन्होंने कहा, सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सफलता मिली है। ट्रंप ने विश्व नेताओं से कहा कि हम समय आ गया है कि आतंकवाद के लिए जिम्मेदार और आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने वाले देशों को बेनकाब करें। उनका यह बयान पाकिस्तान को आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह बताए जाने के बयान के बाद आया है।

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