क्षेत्र में खुलेआम हो रही अवैध शराब बिक्री, प्रशासन अनजान

कोचियो को मिल रहा संरक्षण

– मनराखन ठाकुर

पिथौरा: नगर सहित क्षेत्र में नहीं थम रही है अवैध शराब की बिक्री। इधर शासन अवैध शराब बिक्री और शराब कोचियों को समाप्त करने खुद शराब बेच रही है लेकिन शासन का यह प्रयास विफल होते नजर आ रहा है ना तो अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगा पाई है और ना शराब कोचियों पर। रोजाना नए-नए शराब कोचिये पैदा होते जा रहे है और धड़ल्ले से नगर व आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री रफ्तार पकड़े हुए है।

आबकारी व पुलिस विभाग की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नजर नहीं आ रही है। क्या शासन सरकारी शराब दुकान के अधिक मुनाफा को देखकर अवैध शराब बेचने से लेकर शराब कोचियों को खुली छूट दे रखी है या फिर आबकारी और पुलिस की सांठगांठ से इस अवैध कारोबार को खुला संरक्षण दे रखा है और नगर के गली, मोहल्ले, होटलों, ढाबो व में खुले आम शराब बेचने का सिलसिला लगातार जारी है।

शासन के नियमों का नही हो रहा पालन 

शराब बिक्री को लेकर शासन ने तरह-तरह के नियम व मापदंड सुनिचित कर रखे थे लेकिन सरकारी शराब दुकानों में यह सभी नियमों का पालन नही हो रहा है, जिसका फायदा शराब उठा रहे है और कोचियों को जितनी मात्रा में शराब चाहिए उतना उनको मिल जाता है कोचियों को लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ता! शराब पीने वालों को शासकीय शराब दुकान में उनके पसंद का शराब नहीं मिलता! जबकि होटल ढाबा अन्य स्थानों में सभी ब्रांड के शराब आसानी से मिलता है! चाहे हम देशी शराब की बात कहे या अंग्रेजी शराब की दोनों शराब की अवैध बिक्री रोजाना हो रही है।

दुगने कीमत पर हो रही है बिक्री

अवैध शराब बेचने वाले मुनाफा के चक्कर में शराब दुकान से ज्यादा मात्रा में शराब खरीद कर दुगुने कीमत में बेचते है जिससे शराब पीने वालों को सुबह 5: बजे से ढाबा होटल एवं नगर के विभिन्न स्थानों में आसानी से शराब मिल जाता है सरकारी शराब दुकान के खुलने का इंतजार नही करना पड़ता है और बड़ी आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। देशी शराब एक पाव 80 से 100 रुपये तक और अंग्रेजी शराब 200 से 300 रुपये तक बेचा जाता है।

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