बेखौफ घूम रहा डिपो संचालक, हजारों टन कोयला किया पार, फिर भी कार्रवाई नहीं

मनीष शर्मा :

मुंगेली: मुंगेली पुलिस पहले तो गाड़ी गायब होने की रिपोर्ट लिखने से इंकार कर दिया, जब ट्रांसपोर्टर ने आईजी प्रदीप गुप्ता से इसकी शिकायत की तो मजबुरन रिपोर्ट दर्ज करना पड़ा। उसके बाद यह भी पर्दाफाश हुआ जिसमें 31 हजार टन से अधिक कोयला सरगांव के डिपो में खपाया गया।

कोयला अपलोड करने के बाद संचालक के गुर्गों ने ना केवल ट्रेलर को भी जमींदोज कर दिया बल्कि ट्रेलर चालक को हमेशा के लिए गहरी नींद में सुलाकर लावारिश हालत में सरगांव थाना के पास फेंक दिया। बावजूद इसके मुंगेली पुलिस कोयला माफिया के खिलाफ अभी तक कार्रवाई करने से बच रही है। जबकि मुंगेली पुलिस का खोखला दावा यही रहता है कि कोयला चोरों को कभी बक्शा जाएगा।

31 हजार टन से अधिक कोयला कोल डिपो में खफाया

यह जानते हुए भी कि 31 हजार टन से अधिक कोयला अमित ओबेराय के के कोल डिपो में खफाया गया उसके आदमियों ने ही कोयला अपलोड के बाद ट्रेलर को नांदघाट के टेमरी में लावारिश छोड़ा। ड्रायवर की लाश सरगांव थाना के किरना में फेंक दिया।

लेकिन धन्य हो मुंगेली जिले की पुलिस जिन्होंने संचालक से पूछताछ तो दूर,पकड़े गए उसके गुर्गों से कबूलनामा के बाद भी 31 हजार टन से अधिक कोयला चोरी के मामले में अमित ओबेराय से पूछताछ भी नहीं की है। यह जानते हुए कि ड्रायवर की हत्या में उसके गुर्गे ही आरोपी हैं।

आखिर ऐसा क्या हुआ जो मुंगेली पुलिस कार्यवाही में कतरा रही है 29 दिसम्बर को गतौरी से एक ट्रेलर 31 हजार 3 सौ टन कोयला लेकर बलौदा बाजार अल्ट्राटेक प्लांट के लिए रवाना हुई। लेकिन दो दिन बाद भी ट्रेलर का कोयला प्लांट तक नहीं पहुंचा।

जिसकी चर्चा अखबारों में चार दिन पहले मामले को विस्तार और प्रमुखता से प्रकाशित किया था। चूंकि ट्रक में जीपीआरएस लगा हुआ था। ट्रांसपोर्टर को मालूम हुआ कि ट्रेलर नांदघाट के टेमरी में है। छानबीन के बाद जानकारी मिली कि ट्रेलर ड्रायवरआशिंक अंसारी की लाश सरगांव थाना के किरना में लावारिश और सड़ी गली अवस्था में पायी गयी।

थाना प्रभारी ने रिपोर्ट लिखने से किया इंकार

जानकारी के बाद ट्रांसपोर्टर ने तत्काल सरगांव थाना पहुंचकर ड्रायवर के गायब होने और लावारिश हालत में मिले ट्रेलर को लेकर एफआईआर लिखने की बात कही। ट्रांसपोर्टर ने बताया कि ट्रेलर में 31 हजार 300 टन कोयला भरा था वह भी गायब है। लेकिन सरगांव पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने आईजी प्रदीप गुप्ता से रिपोर्ट लिखाए जाने की मांग की।

आईजी प्रदीप गुप्ता से शिकायत के बाद मुंगेली पुलिस आनन फानन में सरगांव थाने में मामला दर्ज कर तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान ट्रेलर का ड्रायवर की लाश सड़ी गली अवस्था में किरना में मिली। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।

जीपीआरएस से खुलासा, गहरी साजिश

सरगांव पुलिस ने हत्या और कोयला चोरी मामले में चार आरोपियों की पहचान की। तीन आरोपियों को 6 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। लेकिन चौथा आरोपी आज भी फरार है। मुंगेली पुलिस की जांच कार्रवाई अब हत्या पर केन्द्रित है।

जबकि मामला कोयला चोरी का भी है। यह जानते हुए भी कि छोटी मोटी चोरी की शिकायत पर कोल डिपो में जब-तब छापामार कार्रवाई होती है। संचालक को पकड़ा जाता है। लेकिन यहां पूरा का पूरा ट्रेलर से भरे कोयला को ही डिपो में खाली करवा लिया गया। बावजूद इसके संचालक पर अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।

संचालक आज भी रुतबे से आजाद घूम रहा है। जानकारी यह भी है कि वह मुंगेली पुलिस अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में भी है जबकि मुंगेली पुलिस स्वीकार कर रही है कि जांच पड़ताल और जीपीआरएस से पुख्ता जानकारी है कि 31 हजार तीन सौ टन कोयला सरगांव के ही तथाकथित कोल डिपो में अपलोड किया गया है।

जाहिर सी बात है कि अपलोड़ का आदेश डिपो संचालक ने ही दिया होगा बावजूद इसके बाद उसके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है। फिर ड्रायवर की हत्या होना गंभीर अपराध है। परोक्ष अपरोक्ष रूप से इसके लिए संचालक भी शक के दायरे में है। फिर उससे पूछताछ नहीं किया जाना किसी लेनदेन के बाद गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है।

पुलिस का गोलमोल बयान

मुंगेली पुलिस का दावा है कि किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। पकड़े गए संदेहियों से पूछताछ हो रही है। जीपीआरएस में स्पष्ट है कि सरगांव के तथाकथित कोल डिपो में ट्रेलर से कोयला अपलोड़ किया गया। इसके बाद हत्या हुई।

लेकिन कोयला चोर कोल संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है के सवाल पर मुंगेली पुलिस गोलमोल जवाब दे रही है। यद्यपि सरगांव थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद संचालक और प्लाट मालिक से भी पूछताछ होगी। फिर जांच की आंच संचालक से लेकर वहां भी पहुंचेगी जहां कोयला को रफा दफा किया गया है।

समझने का प्रयास कर रही जनता

पुलिस का यह बयान काफी कुछ कुछ भ्रमित करने वाला है कि जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई होगी। यह जानते हुए भी कि जीपीआरएस से सारा सच सामने आ गया है। फिर संचालक से पूछताछ किस बात को लेकर…जबकि साबित हो चुका है कि उसके डिपो में माल उतारा गया है। लोग भी पुलिस कार्रवाई को समझने का प्रयास कर रहे हैं

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